धौलीगंगा बांध: पानी छोड़ने पर धारचूला-बलुवाकोट तक बजेगा सायरन, नेपाल प्रशासन को सूचित करने के निर्देश
पिथौरागढ़ के डीएम ने एनएचपीसी धौलीगंगा परियोजना की बांध सुरक्षा की समीक्षा की। पानी छोड़े जाने पर धारचूला-बलुवाकोट तक सायरन लगाने और नेपाली प्रशासन को सूचित करने के निर्देश दिए।

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संवाद सहयोगी, पिथौरागढ़। एनएचपीसी धौलीगंगा परियोजना में बांध सुरक्षा को लेकर प्रशासन ने सतर्कता बढ़ा दी है। डीएम आशीष भटगांई ने परियोजना के ग्रुप जनरल मैनेजर और एचओपी एम. कन्नन से बांध की सुरक्षा, जलस्तर, जल बहाव और अर्ली वार्निंग सिस्टम समेत विभिन्न महत्वपूर्ण बिंदुओं की जानकारी ली। उन्होंने पानी छोड़े जाने की स्थिति में धारचूला और बलुवाकोट तक सायरन लगाने के निर्देश दिए।
बुधवार को कलेक्ट्रेट में आयोजित बैठक में डीएम ने परियोजना में कार्यरत कार्मिकों की संख्या और उनकी सुरक्षा से संबंधित व्यवस्थाओं की भी जानकारी ली। उन्होंने कहा कि बांध की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। जल बहाव बढ़ने अथवा आवश्यकता के अनुसार बांध से पानी छोड़े जाने की स्थिति में आमजन को समय से सूचना देना और उन्हें जागरूक करना बेहद जरूरी है।
डीएम ने निर्देश दिए कि पानी छोड़े जाने से पहले प्रभावित क्षेत्रों में समय से चेतावनी पहुंचाने की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। इसके लिए धारचूला और बलुवाकोट तक सायरन सिस्टम स्थापित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही बांध से पानी छोड़े जाने की स्थिति में भारतीय प्रशासन के साथ संबंधित नेपाली प्रशासन को भी तत्काल सूचना देने को कहा गया।
उन्होंने एनएचपीसी अधिकारियों को जन सुरक्षा से जुड़े सभी मानकों और निर्धारित सुरक्षा प्रोटोकाल का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में अपर जिलाधिकारी योगेंद्र सिंह समेत अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
