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    उत्तराखंड: कैलास मानसरोवर यात्रा से लौटे पहले दल ने साझा किए अनुभव, दर्शन से हुए अभिभूत

    Updated: Mon, 20 Jul 2026 11:49 PM (GMT+05:30)

    तवाघाट-लिपुलेख हाईवे बंद होने के बाद दो दिन गुंजी और बूंदी में फंसे कैलास मानसरोवर यात्रा का पहला दल पिथौरागढ़ पहुंचा। ...और पढ़ें

    कैलास पर्वत का विहंगम दृश्य। सौ. भूपेश पंत, मानसरोवर यात्री

    कैलास पर्वत का विहंगम दृश्य। सौ. भूपेश पंत, मानसरोवर यात्री

    HighLights

    1. पहला कैलास मानसरोवर यात्रा दल पिथौरागढ़ लौटा

    2. यात्रियों ने दर्शन को अविस्मरणीय बताया, सुविधाओं में सुधार की मांग

    3. भारत-चीन समन्वय की सराहना, भारतीय कुक से मिला लाभ

    जागरण संवाददाता, पिथौरागढ़। तवाघाट-लिपुलेख हाईवे (कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग) बंद होने से दो दिन गुंजी और बूंदी में फंसा पहला यात्रा दल देर शाम पिथौरागढ़ पहुंचा। मंगलवार को दल सीधे दिल्ली रवाना होगा।

    कैलास मानसरोवर के दर्शन से अभिभूत यात्रियों ने कहा कि कैलास मानसरोवर के दर्शन मानस पटल पर अंकित हो चुके हैं।

    यात्रियों ने बताया कि भारत और तिब्बत (चीन) दोनों देशों में व्यवस्थाएं ठीक थी। केवल मानसरोवर परिक्रमा पथ पर स्थित पड़ावों में शौचालय और स्नानागार की व्यवस्था अच्छी नहीं है। इसके लिए भारत सरकार को चीन से बात करनी चाहिए।

    यात्रा अनुभव बताते हुए श्रद्धालुओं ने बताया कि मानसरोवर परिक्रमा पथ पर तीन पड़ाव हैं। इन पड़ावों में कमरे काफी अच्छे हैं परंतु शौचालय और स्नानागार बाहर बने हैं। जिसके चलते परेशानी होती है।

    मानसरोवर स्थित शिविर में रात आठ बजे से सुबह तक प्रकाश की कोई व्यवस्था नहीं है। तिब्बत में भाषाई समस्या भी बाधा रहती है। चीन में भी सेना के अधिकारियों का व्यवहार अच्छा रहा।

    पिछली बार से दल के साथ भारतीय कुक ले जाने को अनुमति के चलते यात्रियों को अपनी पसंद का देशी खाना मिल रहा है। यात्रियों ने आइटीबीपी, सेना और बीआरओ की सराहना की।

    कहा कि धारचूला में ट्रैफिक की व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता है। गुंजी से लिपुलेख तक सड़क के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को धन्यवाद भी दिया।

    गुजरात के गांधीनगर से आए सबसे युवा यात्री हरिकृष्ण ने अपनी माता शिल्पा बा के साथ परिक्रमा पूरी की।

    पिथौरागढ़ के भूपेश पंत, दिल्ली के विजयेंद्र सोलंकी ने तिब्बत क्षेत्र में चीन सरकार और भारत के विदेश मंत्रालय के समन्वय को बेहतर बताया।

    वापसी में यात्रा का रूट छोटा

    हाईवे बंद होने से दो दिन का विलंब होने तथा कुछ यात्रियों के दिल्ली से अपने गृह क्षेत्र जाने के लिए रेल और हवाई जहाज के टिकट आरक्षण होने से यात्रियों की मांग पर दल वाया पिथौरागढ़ होकर दिल्ली जा रहा है।

    शेडयूल के अनुसार दल सोमवार को चौकोड़ी में प्रवास कर मंगलवार को अल्मोड़ा होते हुए दिल्ली जाना था। जबकि अब उन्हें धारचूला से सीधे पिथौरागढ़ लाया गया।

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