उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में चट्टान दरकने से कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग बंद, धारचूला में फंसा चौथा दल
पिथौरागढ़ में चट्टान दरकने से कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग बंद हो गया है, जिससे चौथा दल धारचूला में फंसा है। जिले में अन्य सड़कें भी क्षतिग्रस्त हैं और ...और पढ़ें

सांकेतिक तस्वीर।
HighLights
कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग चट्टान दरकने से बंद
चौथा यात्रा दल धारचूला में फंसा, मार्ग खोलने का प्रयास
तवाघाट-सोबला मार्ग पर पुल क्षतिग्रस्त, दारमा-व्यास घाटी संपर्क कटा
जागरण संवाददाता, पिथौरागढ़। कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग बंद होने से चौथा कैलास मानसरोवर यात्रा दल धारचूला में ही फंसा है।
वहीं तवाघाट-सोबला-तिदांग मार्ग पर सोबला के निकट ठाड़ीगाड़ पुल पर बड़े वाहनों की आवजाही बंद हो चुकी है। चीन सीमा से लगी दारमा और व्यास घाटी का संपर्क कट चुका है। दोनों सड़कों पर वाहन और यात्री फंसे हैं।
धारचूला से मिली जानकारी के अनुसार, कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग पर गर्बाधार से लगभग दो किमी दूर शनिवार सुबह विशाल चट्टान दरक कर सड़क पर आ गई और मार्ग बंद हो गया।
इस स्थान पर पहाड़ की तरफ से लगातार पत्थर गिर रहे हैं। इस दौरान गुंजी सहित अन्य गांवों से धारचला आ रहे वाहन फंसे हैं। लोग परेशान है।
शनिवार को धारचूला से कैलास मानसरोवर यात्रा के चौथे दल को गुंजी रवाना होता था। सुबह मार्ग बंद होने की सूचना मिलने से बाद दल निर्धारित समय पर रवाना नहीं हो सका।
दिनभर मार्ग खुलने की प्रतीक्षा रही, लेकिन सायं तक मार्ग नहीं खुल सका है। आपदा प्रबंधन से मिली जानकारी के अनुसार दल धारचूला में ही है।
मार्ग बंद होने की सूचना मिलने के बाद बीआरओ 65 आरसीसी के ओसी मानिक महाजन मौके पर पहुंचे चुके हैं।
बूंदी की तरफ और पांगला की तरफ से दो बड़ी मशीनें पहुंच चुकी हैं और मार्ग खोलने का प्रयास किया जा रहा है।
सायं तक मार्ग नहीं खुल सका है। देर से मार्ग खुलने पर चौथे कैलास मानसरोवर यात्रा दल अब रविवार को भी गुंजी रवाना होगा।

पुल क्षतिग्रस्त
सायं को तवाघाट-सोबला-तिदांग मार्ग के ठाड़ीगाड़ पुल के क्षतिग्रस्त होने की सूचना मिली है। पुल पर बड़े वाहनों की आवजाही पर रोक लगा दी है।
दोनों मार्ग बंद होने से उच्च हिमालयी व्यास घाटी के सात ओर दारमा घाटी के 13 गांवों का संपर्क कटा हुआ है।

मकान की छत गिरी
बेरीनाग से मिली जानकारी के अनुसार, बेरीनाग तहसील मुख्यालय से 10 किलोमीटर दूर स्थित उडियारी गांव में शनिवार सुबह 11 बजे भारी बारिश के कारण हीरा सिंह महरा के मकान की छत भरभरा कर गिर गई।
हादसे के समय हीरा सिंह की वृद्ध मां और बच्चे घर से बाहर थे, जिससे परिवार के सदस्य बाल बच गए।
छत गिरने से घर के अंदर रखी भोजन सामग्री और दैनिक उपयोग की वस्तुएं क्षतिग्रस्त हो गईं। सूचना मिलने पर राजस्व टीम मौके पर पहुंची और क्षति का आंकलन किया जा रहा है। तहसीलदार दयाल चन्द्र मिश्रा ने बताया कि प्रभावित परिवार को नियमानुसार मुआवजा दिया जाएगा।
ग्राम प्रधान हेमा देवी ने कहा कि हीरा सिंह मेहनत मजदूरी कर परिवार का भरण पोषण करता है। उन्होंने प्रशासन से शीघ्र राहत उपलब्ध कराने की मांग की है। जिले में दो सीमा मार्ग सहित 18 मोटर मार्ग बंद है जिससे लगभग एक लाख की ग्रामीण आबादी प्रभावित है।