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    चट्टान दरकने से कैलास मानसरोवर मार्ग बंद: 20 गांव अलग-थलग, एक लाख की आबादी प्रभावित

    Updated: Wed, 29 Jul 2026 08:01 AM (IST)

    पिथौरागढ़ में कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग नज्यांग के पास चट्टानें दरकने से बंद हो गया है, जिससे वाहन फंसे हैं। मुनस्यारी-मिलम मार्ग और 16 ग्रामीण सड़क ...और पढ़ें

    HighLights

    1. कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग नज्यांग के पास बंद।

    2. मुनस्यारी-मिलम मार्ग सहित 16 ग्रामीण सड़कें भी बंद।

    3. एक लाख से अधिक आबादी प्रभावित, 20 गांव अलग-थलग।

    जागरण टीम, पिथौरागढ़। सोमवार की रात्रि से बंद टनकपुर-तवाघाट हाईवे खुल चुका है परंतु तवाघाट-लिपुलेख यानि कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग धारचूला से लगभग 54 किमी की दूर नज्यांग के पास चटटानों के दरकने से बंद हो गया है। मंगलवार को तवाघाट-लिपुलेख मार्ग पूरी तरह बंद रहा।

    चीन सीमा को जोड़ने वाला मुनस्यारी-मिलम मार्ग बोगडियार के पास दूसरे दिन भी बंद रहा। दोनों मार्गों के बंद होने से 20 उच्च हिमालयी गांव अलग-थलग पड़े हैं। जिले में 16 ग्रामीण सड़कें बंद हैं, जिससे करीब एक लाख से अधिक की आबादी प्रभावित है।

    तवाघाट तक हाईवे खुला, मुनस्यारी मिलम माग दूसरे दिन भी बंद

    सोमवार दिन और रात्रि को सीमांत जिले में लगातार वर्षा जारी रही। वर्षा के चलते उच्च हिमालय को जोड़ने वाले टनकपुर-तवाघाट हाईवे में तवाघाट के निकट मार्ग बंद रहा। बीआरओ द्वारा इसे खोल दिया गया। मार्ग खुलने से उच्च हिमालयी दारमा घाटी का संपर्क तो बहाल हो गया परंतु कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग पर गर्बाधार के पास मार्ग बंद रहा। धारचूला से गुंजी जाने वाले वाहन फंसे रहे। इसी बीच सायं को इस मार्ग पर नज्यांग के पास विशाल चट्टानें दरक गई और मार्ग बंद हो गया।

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    दो सीमा मार्ग सहित 16 सड़कें बंद, एक लाख से अधिक की आबादी प्रभावित

    देर सायं तक मार्ग खोलने का प्रयास जारी हैं। मार्ग बंद होने से धारचूला से गुंजी को जा रहे अधिकांश वाहन वापस लौट चुके हैं, जिसमें गुंजी में चल रहे निर्माण कार्य के लिए सीमेंट ले जा रहे भारवाहक वाहन भी शामिल हैं। कुछ वाहन सायं साढ़े छह बजे तक मार्ग खुलने की प्रतीक्षा में दोनों तरफ खड़े रहे। सुबह बंद 22 सड़कों में थल-मुनस्यारी स्टेट हाईवे सहित तीन अन्य ग्रामीण मार्ग खुल सके हैं।

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    नंदा देवी बेस कैंप और ल्वां गांव का सम्पर्क दूसरे दिन भी कटा रहा

    मुनस्यारी। चीन सीमा पर स्थित मल्ला जोहार में नंदा देवी बेस कैंप और ल्वां को जोड़ने वाली पुलिया बहने से सम्पर्क दूसरे दिन भी कटा रहा। नंदा देवी बेस कैंप क्षेत्र के बुग्यालों में वर्तमान में हजारों की संख्या में भेड़ बकरियां और उनके साथ लगभग एक दर्जन चरवाहे हैंं। 15 अगस्त के आसपास भेड़, बकरियों को यहां से कुछ निचले स्थानों पर लाया जाता है क्योंकि 15 अगस्त के आसपास के इन क्षेत्रों में हिमपात की संभावना बन जाती है।

    तहसील प्रशासन द्वारा राजस्व टीम को भेजा गया है । प्रशासन के अनुसार जल्दी पुलिया निर्माण किया जाएगा।नंदा देवी बेस कैंप के ट्रैकर्स भी इसी मार्ग से बेस कैंप तक पहुंचते हैं।