पिथौरागढ़ में थमी वर्षा की रफ्तार, हाईवे और तवाघाट सोबला मार्ग अब भी बंद रहने से चीन सीमा का कटा रहा संपर्क
पिथौरागढ़ में आसमान साफ होने के बावजूद भूस्खलन से मुख्य मार्ग 6 घंटे बंद रहे, जिससे चीन सीमा का संपर्क ...और पढ़ें

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जागरण संवाददाता, पिथौरागढ़। सीमांत जनपद में बुधवार को भी आसमान साफ रहा और चटक धूप खिली रही। सुबह से ही धूप खिलने और आसमान में आंशिक रूप से बादल छाए रहने से आमजन ने राहत की सांस ली है।
हालांकि, बारिश रुकने के बावजूद पहाड़ो से भूस्खलन और मलबा गिरने का सिलसिला नहीं थमा है। इसके चलते चीन सीमा को जोड़ने वाले महत्वपूर्ण मार्ग बिना वर्षा के ही घंटों तक बाधित रहे। छह घंटे तक चीन सीमा का सम्पर्क भंग रहा।
धारचूला से मिली जानकारी के अनुसार, धारचूला-तवाघाट और तवाघाट-सोबला मोटर मार्ग मंगलवार की रात्रि बिना वर्षा के ही मलबा आने के कारण अवरुद्ध हो गए थे।
टनकपुर तवाघाट हाईवे कूलागाड़ के पास और तवाघाट-दारमा मार्ग तवाघाट से सोबला के बीर्ग बंद होने से सीमांत का संपर्क कट गया था। सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मशीनरी लगाई।
लगभग छह घंटे की मशक्कत के बाद दोनों प्रमुख सीमांत मार्गों को वाहनों की आवाजाही के लिए सुचारू कर दिया गया।
मुख्य मार्ग खुलने से सेना और स्थानीय लोगों को आवागमन में बड़ी राहत मिली है।
वहीं, ग्रामीण इलाकों में दुश्वारियां अभी बरकरार हैं। कंच्योती-नारायण आश्रम मार्ग बंद होने से चौदास घाटी के 14 गांवों का सम्पर्क चौथे दिन भी कटा रहा।
आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार बुध्वार सायं चार बजे तक की स्थिति के अनुसार, जिले में कुल 13 ग्रामीण मोटर मार्ग अब भी मलबा आने के कारण बंद पड़े हैं। इनमें ड्योड़ा -बारमो और देवीसौना-गराली मार्ग पूरी तरह वॉशआउट हो चुके हैं।
लोक निर्माण विभाग और पीएमजीएसवाई की टीमें बंद मार्गों पर मलबा हटाने के कार्य में जुटी हुई हैं। 13 मार्ग बंद होने से लगभग 20 हजार की आबादी प्रभावित है।
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