Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 29, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Weather Update: चार वेस्‍टर्न डिस्‍टर्बेंस के बाद भी उत्‍तराखंड में पड़ा 'सूखा', 11 जिलों 70% कम बरसे मेघ

    Updated: Wed, 29 Jan 2025 04:19 PM (IST)

    Uttarakhand Weather Update उत्तराखंड में शीतकालीन वर्षा की कमी से चिंता बढ़ गई है। जनवरी महीने में सामान्य से 86 प्रतिशत कम बारिश हुई है। चंपावत पिथौर ...और पढ़ें

    Uttarakhand Weather Update: वर्षा व हिमपात के मामले में खास गतिविधि दिखी नहीं। Jagran
    Uttarakhand Weather Update: वर्षा व हिमपात के मामले में खास गतिविधि दिखी नहीं। Jagran

    HighLights

    1. चंपावत, पिथौरागढ़ समेत 11 जिलों में सामान्य से 70 प्रतिशत से कम वर्षा
    2. जाड़ों की बारिश से रबी की फसल गेहूं, सरसों, मसूर की होती है अच्छी बढ़वार

    जागरण संवाददाता, चंपावत। Uttarakhand Weather Update: जनवरी की शुरुआत में मौसम बदला था। पहले सप्ताह में ही अच्छी वर्षा व हिमपात देखने को मिला। उसके बाद तीन पश्चिमी विक्षोभ आए, लेकिन वर्षा व हिमपात के मामले में खास गतिविधि दिखी नहीं।

    इसका नतीजा हुआ शीतकालीन वर्षा में कमी। जनवरी बीतने की दहलीज पर पहुंच गई है और प्रदेश में सामान्य से 86 प्रतिशत कम वर्षा हुई है। मौसम विभाग जनवरी व फरवरी को शीतकालीन अवधि में रखता है। सात व आठ जनवरी को पहला पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने से उत्तराखंड के अनेक स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा देखने को मिली।

    यह भी पढ़ें- उत्‍तराखंड में 105 साल से स्‍टोर रूम में ‘कैद’ भगवान, लोगों को 65 से अधिक मूर्तियों व शिवलिंग के दर्शन का इंतजार

    उच्च हिमालय को छोड़कर निचले क्षेत्रों में वर्षा की खास गतिविधि नहीं

    मौसम में बदलाव से ठंड का अभी अहसास हुआ। उसके बाद नियमित अंतराल पर तीन पश्चिमी विक्षोभ आए लेकिन उच्च हिमालय को छोड़कर निचले क्षेत्रों में वर्षा की खास गतिविधि नहीं दिखी। जिसकी वजह से वर्षा में कमी देखी गई है। एक से 29 जनवरी तक प्रदेश में 39.7 मिमी के सापेक्ष 5.4 मिमी वर्षा हुई है।

    हरिद्वार में सबसे कम अंतर है। नैनीताल में भी दूसरे जिलों की अपेक्षा थोड़ी बेहतर स्थिति है। चंपावत, पिथौरागढ़ समेत 11 जिलों में सामान्य से 70 प्रतिशत से कम वर्षा हुई है। फरवरी में कितनी वर्षा मिलेगी कहा नहीं जा सकता।

    खबरें और भी

    ऐसे में शीतकालीन वर्षा में कमी सब्जियों व रबी की फसलों के लिए चिंता बढ़ाने वाली है। खासकर पर्वतीय क्षेत्र के असिंचित क्षेत्र में गेहूं, मसूर, सरसों आदि के लिए वर्षा की जरूरत होती है।

    यह भी पढ़ें- ट्रैकरों के लिए उत्‍तराखंड में खास सौगात, केदारकांठा के बर्फ से ढके पहाड़ और बांसुरी वाले बाबा देते हैं अनूठा एहसास

    उत्तराखंड में जिलेवार शीतकालीन वर्षा मिमी में

    • जिला - वर्षा हुई - सामान्य वर्षा - अधिक/कमी (प्रतिशत में)
    • अल्मोड़ा 7.6 32.5 -77
    • बागेश्वर 4.2 32.5 -87
    • चमोली 2.8 40.1 -93
    • चंपावत 8.6 35.3 -76
    • देहरादून 8.4 43.1 -80
    • पौड़ी 3.6 34 -89
    • टिहरी 3.9 44 -91
    • हरिद्वार 10.6 23.6 -55
    • नैनीताल 12.5 32 -61
    • पिथौरागढ़ 3.8 46.2 -92
    • रुद्रप्रयाग 4.1 53.9 -92
    • यूएसनगर 3.4 19.3 -82
    • उत्तरकाशी 4.1 52. -92
    • उत्तराखंड 5.4 39.7 -86

    (आंकड़े एक से 29 जनवरी तक। स्रोत: मौसम विभाग)

    फरवरी पहले सप्ताह बदलेगा मौसम

    बुधवार को चंपावत व पिथौरागढ़ जिलों में आंशिक बादल छाए रहे। धूप कमजोर पड़ने से दिन के तापमान में कमी आई है। चंपावत का अधिकतम तापमान 16.5 डिग्री व न्यूनतम 1.9 डिग्री सेल्सियस रहा। अल्मोड़ा में 21.6 डिग्री व 2.9 डिग्री, पिथौरागढ़ में 17.9 डिग्री व 6.8 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया।

    अगले दो दिन मौसम शुष्क रहने वाला है। एक फरवरी को आंशिक बादल छाएंगे। नया पश्चिमी विक्षोभ आने से तीन फरवरी से मौसम में बदलाव व वर्षा की संभावना बन रही है।