केदारनाथ पैदल मार्ग पर हादसे में महिला तीर्थयात्री की मौत, तेज बारिश के चलते दो घंटे रोकी गई यात्रा
केदारनाथ पैदल मार्ग पर चीरबासा के पास पहाड़ी से बोल्डर गिरने से दिल्ली की एक महिला तीर्थयात्री की मौत हो ...और पढ़ें


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संवाद सहयोगी जागरण, रुद्रप्रयाग। केदारनाथ पैदल मार्ग पर मंगलवार को चीरबासा के पास पहाड़ी से बोल्डर पैदल मार्ग पर दर्शन को जा रही महिला तीर्थयात्री पर गिरने से दर्दनाक मौत हो गई, जबकि एक अन्य यात्री घायल हो गया। घटना की सूचना मिलते ही डीडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और घायल यात्री को रेस्क्यू कर गौरीकुंड चिकित्सालय पहुंचाया, जहां उसका उपचार किया जा रहा है। मृतका के शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला चिकित्सालय रुद्रप्रयाग लाया जा रहा है।
घटनाक्रम के अनुसार मंगलवार को श्रद्धालु केदारनाथ धाम के दर्शन के लिए पैदल मार्ग से जा रहे थे। इसी दौरान गौरीकुंड से लगभग चार किलो दूर चीरबासा के पास पहाड़ी से अचानक पत्थर गिरने लगे। इसकी चपेट में आने से एक महिला तीर्थयात्री गंभीर रूप से घायल हो गई और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। घटना में एक अन्य यात्री को भी चोटें आई हैं।
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि हादसे में 25 वर्षीय अंजली पत्नी सचिन, निवासी बंजारे वाली गली, शालीमार बाग, हैदरपुर, नई दिल्ली की मृत्यु हुई है। वहीं 34 वर्षीय शिदप्पा, निवासी नगराल गांव, जिला मुदांल तालुक, कर्नाटक घायल हुए हैं।
घायल यात्री को डीडीआरएफ की टीम ने तत्काल गौरीकुंड चिकित्सालय पहुंचाया, जहां उसका उपचार चल रहा है। हादसे के बाद पैदल मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सतर्कता बढ़ा दी गई है। प्रशासन की ओर से यात्रियों से मौसम और पहाड़ी मार्ग की स्थिति को देखते हुए सावधानी बरतने तथा सुरक्षा कर्मियों के निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है।
सोनप्रयाग में 400 से अधिक श्रद्धालु रोके
गौरीकुंड: केदारनाथ धाम व पैदल यात्रा मार्ग पर मंगलवार को तेज बारिश के चलते श्रद्धालुओं की सुरक्षा को देखते हुए यात्रा करीब दो घंटे के लिए रोक दी गई। सुबह दस बजे से दोपहर 12 बजे तक सोनप्रयाग में 400 से अधिक श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्थानों पर रोका गया। मौसम सामान्य होने के बाद दोपहर साढ़े 12 बजे के बाद यात्रा को दोबारा सुचारु कर दिया गया।
केदारनाथ धाम सहित पैदल यात्रा मार्ग पर लगातार हो रही तेज बारिश को देखते हुए प्रशासन ने एहतियातन यात्रियों की आवाजाही रोकने का निर्णय लिया। इस दौरान सोनप्रयाग में मौजूद 400 से अधिक श्रद्धालुओं को सुरक्षित स्थानों पर रोककर मौसम की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी गई।
प्रशासन का कहना है कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए यह कदम उठाया गया, ताकि बारिश के दौरान पैदल मार्ग पर किसी भी अप्रिय घटना की आशंका को टाला जा सके।
मौसम में सुधार आने के बाद दोपहर करीब साढ़े 12 बजे के बाद यात्रा मार्ग को यात्रियों के लिए खोल दिया गया। इसके बाद श्रद्धालु सुरक्षित तरीके से केदारनाथ धाम की ओर रवाना होने लगे। यात्रा सुचारु होने के बाद भी प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां मौसम की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।
जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि केदारनाथ पैदल मार्ग और धाम क्षेत्र में हो रही भारी बारिश को देखते हुए एहतियातन तीर्थयात्रियों को सोनप्रयाग में रोक दिया गया था। मौसम सामान्य होने के बाद साढ़े 12 बजे के बाद यात्रा पुनः सुचारु कर दी गई।
प्रशासन ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि मौसम को देखते हुए अनावश्यक जोखिम न लें और प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। यात्रा मार्ग पर तैनात सुरक्षा एवं आपदा प्रबंधन टीमों के साथ सहयोग करने को भी कहा गया है।
