यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 02, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
बीएसएफ के स्वच्छ गंगा अभियान का शुभारंभ देवप्रयाग संगम से, गंगा में नौकायन करेंगी 20 महिला जवान
BSF Clean Ganga Campaign बीएसएफ के स्वच्छ गंगा अभियान की शुरुआत देवप्रयाग संगम से हुई। इस अभियान में 20 महिला जवान गंगा में नौकायन करेंगी। अभियान का उ ...और पढ़ें

HighLights
- 53 दिवसीय अभियान के शुभारंभ पर किया 11 कन्याओं का पूजन
- गंगा में नौकायन करेंगी सीमा सुरक्षा बल की 20 महिला जवान
संवाद सूत्र, जागरण, देवप्रयाग। BSF Clean Ganga Campaign: सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) महिला विंग व नमामि गंगे के 53 दिवसीय संयुक्त आल वुमेन गंगा रिवर अभियान-2024 का शुभारंभ शनिवार को देवप्रयाग संगम से हुआ। स्वच्छ गंगा, अविरल गंगा व महिला सशक्तीकरण का संदेश देने वाले अभियान को बीएसएफ के महानिरीक्षक (आइजी) राजा बाबू ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। गंगासागर तक के 2500 किलोमीटर के इस साहसिक अभियान के शुभारंभ अवसर पर आइजी ने संगम पर 11 कन्याओं का पूजन किया।
देश के पहले महिला सैन्य नौकायन अभियान की शुरुआत करते हुए बीएसएफ के आइजी राजा बाबू ने कहा कि यह भारत की पहली महिला टीम है, जो इस तरह के साहसिक कार्यक्रम का हिस्सा बनी है। देश में महिला सशक्तीकरण की पहचान के निमित्त चलाए जा रहे इस अभियान में बीएसएफ की 20 महिला जवान भाग ले रही हैं। इन्हें इसके लिए छह हफ्तों का विशेष प्रशिक्षण दिया गया है।
2015 में देवप्रयाग से ही की थी आइटीबीपी ने राफ्टिंग की शुरुआत
उन्होंने कहा कि गंगा भारत की पवित्र नदी है, इसको स्वच्छ व अविरल रखना हमारा संकल्प है। राजा बाबू ने इस अभियान में भूमिका निभाने को अपना और बीएसएफ का सौभाग्य बताते हुए कहा कि 2015 में आइटीबीपी ने भी राफ्टिंग की शुरुआत देवप्रयाग से ही की थी।
इसके बाद बीएसएफ की महिला राफ्टिंग यहां से आरंभ हो रही है। उन्होंने बताया कि इस अभियान का उद्देश्य महिलाओं को सशक्त करना, देश के विकास में महिला की भागीदारी सुनिश्चित करना, जनता को जागरूक करना, खेलों को प्रोत्साहित करना तथा भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के संकल्प देश को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाने से है।
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नौकायन अभियान की अगुआई कर रहीं बीएसएफ की सब इंस्पेक्टर प्रिया मीणा ने बताया कि अभियान में देश की सीमाओं पर तैनात बीएसएफ की 20 महिलाओं का चयन राफ्टिंग के लिए कड़े प्रशिक्षण के बाद किया गया है। दो राफ्ट में चलने वाले इस अभियान में गंगा तट से लगे 43 नगरों में नई पीढ़ी को 'स्वच्छ गंगा अविरल गंगा' का संदेश दिया जाएगा। 24 दिसंबर तक चलने वाले अभियान में सुरक्षा की दृष्टि से डिप्टी कमाडेंट मनोज सुंदरियाल की अगुआई में एक टीम साथ-साथ चलेगी।
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नौकायन अभियान के शुभारंभ अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय श्री रघुनाथ कीर्ति परिसर के निदेशक प्रो. पीवीबी सुब्रह्मण्यम ने सीमा सुरक्षा बल के इस अभियान को अनूठा और पवित्र बताते हुए कहा कि भारत की सांस्कृतिक धरोहर गंगा की निर्मलता के लिए ऐसे अभियानों की बड़ी आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि देश के सुरक्षा बल द्वारा महिला सशक्तिकरण और गंगा की अविरलता का संदेश देना स्वयं में बड़ी बात है। इस अवसर पर श्री रघुनाथ परिसर के छात्रों ने स्वस्तिवाचन और पुरुष सूक्त का पाठ किया। इस अवसर पर एसएसबी के डीआइजी सुभाष चंद्रा, पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष कृष्ण कांत कोटियाल, शशिकांत मिर्जापुरी, हेमंत कोठियाल, डा. अवधेश बिजल्वाण, रजत गौतम छेत्री, सुधीर अत्री आदि मौजूद रहे।