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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 29, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Baba Tarsem Singh Murder: नौ दिन तक काल बनकर घूमते रहे कातिल, नहीं लगी भनक; गुरुद्वारा सराय में ही लिया था कमरा

    Updated: Fri, 29 Mar 2024 09:20 AM (IST)

    Baba Tarsem Singh Murder गुरुद्वारा सराय में नौ दिन तक काल बनकर कातिल घूमते रहे मगर इसकी भनक किसी को नहीं लगी। सूत्रों के अनुसार यह कहकर कातिलों ने कम ...और पढ़ें

    Baba Tarsem Singh Murder: फिल्मी स्टाइल में तीन सेकेंड में तीन गोलियां चलाईं
    Baba Tarsem Singh Murder: फिल्मी स्टाइल में तीन सेकेंड में तीन गोलियां चलाईं

    HighLights

    1. आचार संहिता लागू होने के बाद भी जिले में बंदूक लेकर कैसे आए कातिल
    2. रीठा साहिब चंपावत जाने की बात कहकर रुके थे गुरुद्वारा के सराय में

    अरविंद कुमार सिंह रुद्रपुर : Baba Tarsem Singh Murder: गुरुद्वारा सराय में नौ दिन तक काल बनकर कातिल घूमते रहे, मगर इसकी भनक किसी को नहीं लगी। कातिलों ने चंपावत स्थित रीठा साहिब जाने की बात कहकर गुरुद्वारा सराय में कमरा लिया था।

    कातिल बंदूक पोनिया लेकर सराय कक्ष में कैसे पहुंचे, इन दिनों इनकी क्या गतिविधियां थीं, इस पर किसी की नजर नहीं गई और मौका पाते ही कातिल डेरा प्रमुख तरसेम सिंह की फिल्मी स्टाइल में तीन सेकेंड में तीन गोलियां चलाईं। इनमें दो गोली तरसेम को लगी और मृत्यु हो गई।

    तीसरी फायरिंग सेवादार पर की थी। हालांकि सेवादार बाल बाल बच गया। हैरानी यह है कि आचार संहिता लगी है, फिर भी यूएस नगर सीमा पर गहनता से जांच की दावा करने वाली पुलिस की सक्रियता व कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं। गुरुद्वारा सराय में दोनों कातिल नौ दिन से कमरा लिए थे।

    कातिलों ने बुक कराया था कमरा

    सूत्रों के अनुसार यह कहकर कातिलों ने कमरा बुक कराया था कि वह रीठा साहिब दर्शन करने जाएंगे। दो दिन के बाद कातिल कहां चले गए, कहां व किसके यहां रुके थे, बताया जा रहा है कि कातिल गुरुवार सुबह ही कमरे पर पहुंचे थे। कातिलों ने सराय में कमरा बुक कराने के लिए जो पहचान पत्र दिया है, वह पंजाब के तरनतारन का बताया जा रहा है।

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    सवाल उठाया जा रहा है कि पहचान पत्र के अनुसार जब कातिल पंजाब के रहने वाले हैं तो फिर वह नानकमत्ता कैसे पहुंचे। क्या बाइक, कार से या ट्रेन से। पंजाब से नानकमत्ता की दूसरी 418 किलोमीटर है, ऐसे में इतनी दूर से पंजाब से बाइक से आना काफी मुश्किल काम था।

    ऐसे में घटना में प्रयुक्त बिना नंबर की बाइक किसने उपलब्ध कराई, यह किसकी बाइक थी, बाइक उपलब्ध कराई गई तो इससे पहले ही तरसेम की हत्या करने की कहानी गढ़ ली गई होगी, रेकी करने वाला भी कोई होगा, क्योंकि जैसे ही बाबा तरसेम सुबह में कमरे से बाहर कुर्सी पर बैठे तो कुछ ही मिनट में उनकी हत्या कर दी गई।

    सेवादार देवेंद्र के अनुसार बाबा तरसेम सुबह में बाहर नहीं बैठते थे, कभी कभार ही बैठते थे। ऐसे में इसकी जानकारी कातिलों को कैसे लगी, कातिल इतने बेखौफ थे कि बिना नकाब के ही घटना को अंजाम दे दिया, जबकि बाइक पर नंबर नहीं है। सीसीटीवी कैमरे की फुटेज में दोनों चप्पल पहने हुए थे।

    चलती बाइक से ही बाबा तरसेम को गोली मारी गई, जब पहली गोली चली तो क्षण भर के लिए चालक ने बाइक की ब्रेक लगाई थी, इसके बाद घूमते हुए पीछे बैठा कातिल दूसरी गोली तरसेम के सीने में दाग दी और वहीं पर लहुलूहान होकर तरसेम तड़पने लगे। चलती बाइक से घटना को अंजाम देने का मतलब आरोपित पेशेवर शूटर हैं।

    फिल्मी अंदाज में चलती बाइक से गोली मारी

    कातिलों को पता था कि जहां पर वह घटना का अंजाम देने गए थे, वहां पर सीसीटीवी कैमरे लगे थे। जिस तरह से फिल्मी अंदाज में चलती बाइक से गोली मारी है और अपराधी बेखौफ है, क्योंकि जब बिना नंबर की बाइक का इस्तेमाल कर सकते थे तो चेहरा भी ढक सकते थे। लोगों का कहना था कि गुरुद्वारा सराय में कोई भी आइडी देकर दो दिन तक रह सकता है तो इतने दिन तक कातिल कैसे रुके रहे।

    जब कोई हत्या का अंजाम देने जाता है तो अपना पहचान पत्र क्यों देगा, यहीं नहीं, पहचान पत्र कमरे में क्यों छोड़ेगा, कहीं ऐसा तो नहीं कि कातिलों के जो पहचान पत्र गुरुद्वारा सराय के कमरे में मिले हैं, वह फर्जी भी हो सकता है, क्योंकि पुलिस को गुमराह करने के लिए ऐसा किया हो। बंदूक पुनिया किसी ने उपलब्ध तो नहीं कराई है, हालांकि जांच के बाद ही सही पता चल पाएगा।

    तनतारन से कातिल यूएस नगर की पुलिस क्या कर रही थी, आरोपित बंदूक पुनिया लेकर नौ दिन तक घूमते रहे तो पुलिस की पकड़ में आरोपित क्यों नहीं आए। पुलिस यूएस नगर सीमा पर क्या कर रही थी। हत्या की वजह बाबा तरसेम सिंह का विवाद बताया जा रहा है, तरसेम की राजनीति में अच्छी खासी पकड़ थी। हत्या की असली वजह क्या है, जैसे कई सवाल उठाए जा रहे हैं, मगर जांच के बाद ही हत्या की वजह सहित कई असलियत का पता चल पाएगा।