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    उत्तराखंड में 371 परिवारों की नहीं मिली फैमिली हिरस्ट्री, वैरिफिकेशन में हुआ खुलासा

    Updated: Fri, 10 Apr 2026 09:30 AM (GMT+05:30)

    जसपुर ब्लॉक में 371 परिवारों का 2005 से पहले का कोई पारिवारिक इतिहास ग्राम पंचायत रिकॉर्ड में नहीं मिला है। इनमें अधिकांश मुस्लिम परिवार शामिल हैं। ...और पढ़ें

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    जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

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    संवाद सूत्र, जसपुर । उत्तराखंड के जसपुर ब्लाक में 371 परिवार ऐसे सामने आए हैं, जिनका संबंधित गांवों में निवास करने का पिछला कोई इतिहास नहीं हैं। अधिकांश इसमें मुस्लिम परिवार शामिल हैं।

    ग्राम पंचायतों के परिवार रजिस्टर में इन परिवारों का वर्तमान में निवासरत गांवों से पारिवारिक संबंध होने का अभिलेख नहीं मिला है। इन परिवारों के मुखिया को नोटिस देने की तैयारी है। अभिलेख नहीं देने पर ऐसे परिवार पंचायत के दस्तावेजों से बाहर होंगे।

    2005 के बाद से दस्तावजों का सत्यापन

    बाहरी लोगों के सत्यापन को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सख्त निर्देश के बाद जिलाधिकारी ने सभी एसडीएम को परिवार रजिस्टरों का परीक्षण व सत्यापन कराने को कहा था। एसडीएम राहुल शाह ने बताया कि 2005 के बाद से दस्तावजों का सत्यापन किया गया।

    जांच में जसपुर ब्लाक की 30 ग्राम पंचायतों में 371 परिवारों की प्रविष्टियां बिना सक्षम प्राधिकारी की स्वीकृति के मिली हैं। इन परिवारों का 2005 से पहले संबंधित गांवों से कोई पारिवारिक संबंध अभिलेखों में उपलब्ध नहीं है। संदिग्ध प्रतीत होते 371 परिवारों में 1766 व्यक्तियों के नाम अंकित हैं।

    एसडीएम ने बताया कि सहायक विकास अधिकारी (पंचायत) को संबंधित परिवारों के मुखियाओं को नोटिस जारी कर परिवार रजिस्टर में दर्ज प्रविष्टियों के समर्थन में वैध अभिलेख एवं साक्ष्य तलब करने को कहा है। सभी पक्षों की सुनवाई के बाद जिन प्रविष्टियों को अवैध पाया जाएगा, उन्हें अभिलेखों से बाहर किया जाएगा। अभिलेखों की शुद्धता व पारदर्शिता बनाए रखने को कार्रवाई जारी रहेगी।

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    यह है परिवार रजिस्टर में शामिल होने की प्रक्रिया

    • एसडीएम राहुल शाह ने बताया कि कुटुंब नियमावली के अनुसार किसी परिवार को गांव में शामिल होने से पहले आवेदन आता है।
    • आवेदन को संबंधित ग्राम पंचायत की खुली बैठक में लाया जाता है।
    • खुली बैठक में प्रस्ताव स्वीकृत होने पर एडीओ पंचायत सत्यता की जांच करते हैं।
    • आवेदनकर्ता संबंधित गांव का निवासी होना पाए जाने पर ही परिवार रजिस्टर में नाम शामिल होता है।

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