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काशीपुर तहसील में फर्जीवाड़ा उजागर, 18 को आया आवेदन, कानूनगो ने 16 तारीख को ही लगा दी आख्या

Published: Mon, 21 Sep 2026 09:47 PM (IST)

कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत ने काशीपुर तहसील के औचक निरीक्षण में राजस्व व्यवस्था की पोल खोली। निरीक्षण में 18 सितंबर ...और पढ़ें

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जागरण संवाददाता काशीपुर। कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत ने सोमवार को काशीपुर तहसील का औचक निरीक्षण कर राजस्व व्यवस्था की पोल खोल दी। निरीक्षण में फाइलों पर प्राप्ति तिथि न होना, कानूनगो कक्ष में आवेदनों की पंजिका न बनना व 143 के मामलों में लापरवाही मिली।

सबसे गंभीर मामला तब सामने आया जब एक आवेदन 18 सितंबर को जमा हुआ और उस पर आख्या दो दिन पूर्व यानी 16 सितंबर को ही लगा दी गई। मामले में डीएम से संबंधित कानूनगो का स्पष्टीकरण लेकर संतोषजनक जवाब न मिलने पर सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।

तहसील निरीक्षण में आयुक्त ने तहसील कार्यालय के विभिन्न पटलों, अभिलेखागार व राजस्व अनुभागों का जायजा लिया। समीक्षा में पाया गया कि 143 के तहत भूमि के गैर-कृषि प्रयोग के आनलाइन व आफलाइन आवेदनों पर प्राप्ति की तिथि अंकित नहीं की जा रही है।

इससे लंबित मामलों की अवधि का पता ही नहीं चल रहा। एसडीएम अभय प्रताप सिंह व तहसीलदार पंकज चंदौला से आफलाइन 143 के आवेदनों की जानकारी तलब की है।

कानूनगो कक्ष के निरीक्षण में सामने आया कि दोनों कानूनगो ने प्राप्त आवेदनों की कोई प्राप्ति पंजिका ही नहीं बनाई थी। राजस्व वसूली में भी लापरवाही मिली। तहसील में 10 बड़े बकायदारों की सूची तक प्रदर्शित नहीं थी।

आयुक्त ने मौके पर ही एसडीएम व तहसीलदार को बड़े बकायदारों की सूची चस्पा करने, सभी आवेदनों पर प्राप्ति तिथि अनिवार्य रूप से दर्ज करने व पंजिका व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए। निरीक्षण में उपाध्यक्ष जिला विकास प्राधिकरण जयकिशन, एडीएम कौस्तुभ मिश्र, सीओ प्रशांत कुमार आदि रहे।

एसडीएम कोर्ट में पांच साल से लटके हैं स्वामित्व वाद

मंडलायुक्त ने एसडीएम कोर्ट में पांच वर्ष से अधिक समय से लंबित स्वामित्व वादों की समीक्षा की। धारा 176, 210, 229बी जैसे पांच पुराने वादों में से दो में घोर लापरवाही मिली।

जमीनी व पारिवारिक बंटवारे के मामलों में पैमाइश कर जमीन को हिस्सेदारों में बांटने के आदेश बहुत पहले हो चुके थे, लेकिन लेखपाल ने समय पर यह काम ही नहीं किया। वहीं पूर्व आदेशों का उल्लंघन करने वाले पेशकार ने भी फाइलें लटका रखी थीं।

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इस पर आयुक्त ने डीएम को संबंधित लेखपाल व पेशकार दोनों का स्पष्टीकरण लेने और एक सप्ताह के भीतर प्रतिकूल प्रविष्टि देने के निर्देश दिए। अधिकारियों को निर्देशित किया कि फरियादियों की समस्याओं का समयबद्ध व पारदर्शी निस्तारण किया जाए।

आयुक्त का बयान

काशीपुर तहसील व एसडीएम कोर्ट में कई अनियमितताएं मिली हैं। कई मामले जल्दी तय हो सकते थे, लेकिन बार-बार आदेश के बावजूद अंतिम आदेश जारी नहीं हुए। फर्जी रिपोर्ट वाले मामले में कानूनगो के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश देने के साथ डीएम से रिपोर्ट मांगी गई है। स्पष्टीकरण संतोषजनक न होने पर नियमानुसार कार्रवाई होगी।

दीपक रावत, कुमाऊं आयुक्त

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