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उत्तराखंड के दो विधायकों समेत 24 पर गैर जमानती वारंट जारी, मची खलबली...14 साल पुराना मामला

Published: Fri, 18 Sep 2026 09:43 AM (IST)

काशीपुर में 14 साल पुराने हाईवे जाम और धार्मिक भावनाएं भड़काने के मामले में दो मौजूदा विधायकों समेत 24 आरोपियों के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किए गए हैं।

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जागरण संवाददाता, काशीपुर । धार्मिक भावनाएं भड़काने और राष्ट्रीय राजमार्ग जाम करने के 14 साल पुराने मामले में काशीपुर की न्यायिक मजिस्ट्रेट राजेंद्र कुमार की कोर्ट ने दो मौजूदा विधायकों समेत 24 आरोपितों के विरुद्ध गैर जमानती वारंट जारी किए हैं। इससे आरोपितों में खलबली मची है।

मामला 15 जुलाई 2012 का है। दूसरे समुदाय के युवक पर युवती को भगा ले जाने का आरोप लगाते हुए भाजपा नेताओं ने काशीपुर-जसपुर हाईवे पर जाम लगा दिया था। पुलिस ने इसे धार्मिक भावना भड़काने व हाईवे जाम करने का मामला माना।

जसपुर कोतवाली के तत्कालीन प्रभारी निरीक्षक जेसी पाठक ने गदरपुर विधायक अरविंद पांडेय, जसपुर के तत्कालीन विधायक आदेश चौहान, किच्छा के तत्कालीन विधायक राजकुमार ठुकराल, काशीपुर के तत्कालीन विधायक हरभजन सिंह चीमा और पूर्व सांसद बलराज पासी समेत 24 लोगों के विरुद्ध जसपुर कोतवाली प्राथमिकी की थी।

एफआइआर में जितेंद्र चौधरी, शीतल जोशी, अजय अग्रवाल, त्रिलोचन सिंह, सुखदेव सिंह, रमेश, रनजीत, सुखवीर, महाराज, सुन्नी, परविंदर उर्फ बंटी, अशोक, सुखबीर उर्फ पहलवान, राजीव, खिलेंदर चौधरी, हैप्पी उर्फ हरप्रीत सिंह, सीमा चौहान, नरेंद्र मानस व रनजीत को भी नामजद किया गया था।

सरकार ने केस वापस लेना चाहा, कोर्ट ने मना किया
केस में नौ अक्टूबर 2014 को एसीजेएम काशीपुर ने चार्जशीट पर संज्ञान लेकर ट्रायल शुरू किया। दो सितंबर 2019 को राज्य सरकार ने मामले को वापस लेने का निर्णय लिया।

सहायक अभियोजन अधिकारी ने 20 सितंबर 2019 को कोर्ट में केस वापसी की अर्जी लगाई, जिसे एसीजेएम कोर्ट ने रेड कर दिया। आरोपितों ने जिला एवं सत्र न्यायालय में अपील की, वहां भी राहत नहीं मिली।

हाईकोर्ट की एकल पीठ ने की थी कड़ी टिप्पणी
निचली अदालतों के आदेश को दी गई चुनौती में नैनीताल हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति रविंद्र मैठाणी की एकल पीठ ने 14 अगस्त 2026 को याचिका रद कर दी। टिप्पणी की कि घटना 2012 की है, इसलिए ट्रायल को शीघ्रता से पूरा किया जाए। हाईकोर्ट के निर्देश के बाद ट्रायल कोर्ट ने सभी के विरुद्ध एनबीडब्ल्यू जारी कर पुलिस से आरोपितों को गिरफ्तार कर पेश करने के आदेश दिए हैं।

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