किच्छा के पूर्व विधायक का आरोप: एसआईआर में जब 19 हजार हिंदू वोट कटे, तब कहा थे तिलक राज बेहड़?
पूर्व विधायक राजेश शुक्ला ने किच्छा में 19 हजार हिंदू वोट काटे जाने पर विधायक बेहड़ की चुप्पी पर सवाल ...और पढ़ें

विधायक बेहड़ के बस्ती की मतदाता सूची में उनका नाम साबित करने पर किया राजनीति छोड़ने का एलान। जागरण

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जागरण संवाददाता, रुद्रपुर। पूर्व विधायक राजेश शुक्ला ने कहा कि किच्छा विधानसभा क्षेत्र में जब 19 हजार हिंदू वोट काटे गए तो विधायक तिलक राज बेहड़ को दर्द नहीं हुआ। अभी तो आठ हजार मुस्लिम मतदाताओं पर आपत्ति लगी है और वह छटपटाने लगे हैं।
जो इस बात का स्पष्ट संकेत कर रहा है कि कांग्रेस ने चुनाव को प्रभावित करने के लिए किच्छा विधानसभा क्षेत्र से सटे उत्तर प्रदेश की विधानसभा क्षेत्रों के रहने वालों के वोट किच्छा विस क्षेत्र में बनवाए हैं। फर्जी वोट कट जाने से उनका चुनावी समीकरण गड़बड़ाता दिखा तो वह सरकार पर अनर्गल आरोप लगाने लगे।
शनिवार को प्रेसवार्ता में पूर्व विधायक राजेश शुक्ला ने किच्छा विधायक तिलक राज बेहड़ द्वारा उत्तर प्रदेश की बस्ती विधानसभा क्षेत्र में उनका नाम बताए जाने पर मचे घमासान के बीच पलटवार कर चुनौती देते हुए कहा कि वह बस्ती के जिस राजेश कुमार का नाम मतदाता सूची में देख आरोप लगा रहे हैं, उसकी उम्र और फोटो दिखा साबित कर दें कि वहां बना वोट मेरा ही है तो वह राजनीति छोड़ देंगे।
वहीं, उनका झूठ पकड़े जाने पर किच्छा की जनता को उनका भविष्य पहले ही तय करना होगा कि ऐसे व्यक्ति के साथ क्या करना चाहिए। पत्रकार वार्ता के दौरान पूर्व विधायक शुक्ला ने ऐसे कई नाम दिखाए, जिनका नाम व फोटो उम्र सब कुछ उत्तर प्रदेश व उत्तराखंड की मतदाता सूची में मैच कर रहे हैं। इतना ही नहीं, दो भाइयों के वोट में फोटो एक ही लगी है।
शुक्ला ने विधायक बेहड़ पर हमला करते हुए कहा कि उन्होंने भी पंजाब की मतदाता सूची में उनके पुत्रों गौरव व सौरव पुत्र तिलक राज के नाम से कई नाम देखे हैं, परंतु वह जानते हैं कि वह दोनों अलग हैं। इसी तरह बदायूं में गुलशन पुत्र नंद लाल के नाम भी हैं, परंतु वह जानते हैं कि वह कांग्रेस ब्लाक अध्यक्ष गुलशन सिंधी नहीं है। इसलिए उन्होंने इस तरह की आपत्तियां नहीं लगाईं। उनके द्वारा लगाई गई आपत्तियां बिल्कुल पैमाने पर मापने के बाद ही लगाई गई हैं।
कांग्रेस की कलई खुल गई है कि उत्तराखंड में फर्जी मतदाता कांग्रेस को मजबूत करें और उत्तर प्रदेश में सपा को। परंतु चोरी पकड़े जाने पर उनकी छटपटाहट सामने आने लगी है। अब लोगों के स्वयं आगे आकर अपना वोट कटवाता देख अपनी हार सामने नजर आई तो वह उनको गुमराह कर रोकते नजर आ रहे हैं। ऐसे व्यक्ति कभी मुस्लिम समाज के सगे नहीं हो सकते। इससे स्पष्ट है कि कांग्रेस उनको वोट बैंक से कभी अधिक नहीं सोचती।
