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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 20, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    मशरूम प्लांट में रैक गिरने से 13 मजदूर दबे, एक की मौत; SDRF और पुलिस ने ग्रामीणों के साथ मिलकर चलाया राहत कार्य

    Updated: Fri, 20 Jun 2025 12:36 PM (IST)

    ऊधमसिंह नगर के बाजपुर में रवि नेहरा के मशरूम प्लांट में रैक गिरने से बड़ा हादसा हुआ। घटना में 15 वर्षीय हिना की मृत्यु हो गई और 12 से अधिक श्रमिक घायल ...और पढ़ें

    गुरुवार की देर सायं घटना स्थल पर रैक गिरने से मलवे के नीचे दबे श्रमिक। जागरण
    गुरुवार की देर सायं घटना स्थल पर रैक गिरने से मलवे के नीचे दबे श्रमिक। जागरण

    HighLights

    1. घटना के समय प्लांट में 23 श्रमिक कार्यरत थे, मची अफरा-तफरी
    2. एसडीआरएफ और पुलिस ने ग्रामीणों के साथ मिलकर चलाया राहत कार्य

    संवाद सहयोगी, बाजपुर (उधमसिंह नगर)। केलाखेड़ा थाना क्षेत्र के ग्राम भव्वानगला में रवि नेहरा के मशरूम उत्पादन प्लांट में गुरुवार शाम करीब 7 बजे जैविक खाद से भरे कट्टों की रैक गिरने से 13 श्रमिक दब गए। हादसे में 15 वर्षीय हिना, पुत्री ओमपाल, की मृत्यु हो गई, जबकि 12 से 13 अन्य श्रमिक घायल हो गए।

    नौ घायलों को बाजपुर के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें हायर सेंटर रेफर किया गया। पुलिस ने मृत किशोरी का शव कब्जे में लेकर मोर्चरी में रखा है, जिसे पंचनामा के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेजा जाएगा।

    घटना से जिले भर में अफरा-तफरी मच गई और देर रात तक जिला प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंच गए। प्लांट में उस समय टांडा डालचंद के 23 महिला-पुरुष श्रमिक कार्यरत थे। अचानक रैक गिरने से चीख-पुकार मच गई। सूचना पर स्थानीय ग्रामीण और केलाखेड़ा पुलिस मौके पर पहुंची।

    पुलिस और एसडीआरएफ ने ग्रामीणों की मदद से रैक के नीचे दबे श्रमिकों को निकाला और 108 एम्बुलेंस से घायलों को बाजपुर के सरकारी अस्पताल व निजी चिकित्सालयों में भर्ती कराया।

    घायलों में विजयपाल (17), राधा (16), जय सिंह (15), लक्ष्मी उर्फ पोला (15), भोली (18), गणेश (20), रेशमा (15), ओमप्रकाश (55), प्लांट स्वामी रवि नेहरा आदि शामिल हैं। रवि नेहरा को काशीपुर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया।

    हादसे की सूचना पर एसएसपी मणिकांत मिश्रा, एएसपी अभय प्रताप सिंह, सीओ विभव सैनी, कोतवाल प्रवीण सिंह कोश्यारी, एसडीएम डा. अमृता शर्मा और तहसीलदार अक्षय कुमार भट्ट मौके पर पहुंचे। एसएसपी ने घायलों का हालचाल लिया और उन्हें तत्काल हायर सेंटर भेजने की व्यवस्था की।

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    मृतका के स्वजन को समझा-बुझाकर शांत किया गया। बचाव अभियान प्रभावित हुआ प्लांट के गोदाम में अंधेरा और कीचड़ होने से बचाव कार्य में दिक्कतें आईं। लोडर की मदद से मलबा हटाया गया। देर रात तक मलबे में अन्य श्रमिकों के दबे होने की अफवाहें थीं, लेकिन रजिस्टर जांच के बाद ऐसी संभावना नकार दी गई।

    चिकित्सकों ने संभाला मोर्चा घटना की सूचना पर सरकारी अस्पताल की चिकित्सीय टीम अलर्ट हो गई। डा. तय्यब और डा. अकांक्षा की अगुवाई में घायलों को प्राथमिक उपचार दिया गया। आफ-ड्यूटी चिकित्सकों और नर्सिंग स्टाफ को भी बुलाया गया। सेवानिवृत्त कर्मचारी राजू ने भी उपचार में सहायता की।

    मृतका के स्वजन का हंगामा हिना की मृत्यु की खबर सुनकर उसकी मां, भाई और अन्य परिजन बिलखने लगे। मृतका का भाई आक्रोशित होकर अस्पताल में हंगामा करने लगा और शव ले जाने की कोशिश की। एसआइ देवेंद्र सिंह मनराल ने समझा-बुझाकर शव कब्जे में लिया।

    स्वजन ने घायलों को रेफर करने से भी रोकने की कोशिश की, जिससे तनाव बढ़ा। एसएसपी और एसडीएम ने परिजनों से बात कर उन्हें शांत किया और प्रशासनिक सहायता का आश्वासन दिया।