यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 24, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Uttarakhand News: दादी घास काटने लगी तो गौला नदी में नहाने गए चचेरे भाई-बहन डूबे, मौत; घर में कोहराम
Uttarakhand News शनिवार सुबह वार्ड 18 सिरोली कलां निवासी फरमूदन पत्नी लतीफ अहमद पुलभट्टा थाना अंतर्गत गौला नदी किनारे मवेशियों के लिए घास काटने गई थी। ...और पढ़ें

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- दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद शव बाहर निकाले, स्वजन में मचा कोहराम
जागरण संवाददाता, किच्छा : Uttarahkand News: दादी घास काटने लगी तो चचेरे भाई-बहन गौला नदी में नहाने चले गए। इस दौरान डूबकर दोनों की मृत्यु हो गई। दो घंटे की मशक्कत के बाद दोनों शव बाहर निकाल लिए गए। शव मिलने पर स्वजन में कोहराम मच गया।
शनिवार सुबह वार्ड 18 सिरोली कलां निवासी फरमूदन पत्नी लतीफ अहमद पुलभट्टा थाना अंतर्गत गौला नदी किनारे मवेशियों के लिए घास काटने गई थी। उसका पोता आठ वर्षीय साद पुत्र मोहम्मद हनीफ निवासी इस्लाम नगर, खटीमा व पोती नौ वर्षीय अनमता पुत्र शहादत के साथ ही उसकी पुत्री के दो पुत्र अरमान व अयान भी उसके साथ गए थे।
वह घास काटने लगी तो चारों बच्चे गौला नदी में नहाने चले गए। नदी में उप खनिज निकाले जाने के कारण बने गड्ढे में साद व अनमता डूब गए। साथ गए अरमान व अयान ने भागकर अपनी नानी को यह जानकारी दी। यह सूचना सिरोली कलां तक पहुंची तो वहां बड़ी संख्या में लोग एकत्र हो गए।
उन्होंने नदी में डूबे बच्चों की खोज प्रारंभ की। दो घंटे की मशक्कत के बाद उन्होंने बच्चों को खोजा और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए। वहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। सूचना पर सीओ बहादुर सिंह चौहान भी पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंच गए थे।
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पोस्टमार्टम कराने से इन्कार पर विधायक बेहड़ ने समझाया
पोस्टमार्टम कराने से इन्कार कर स्वजन सीएचसी से दोनों बच्चों के शव लेकर जाने लगे। उन्होंने पुलिस की बात भी नहीं मानी। इसी दौरान वहां विधायक तिलक राज बेहड़ भी पहुंच गए, जिन्होंने स्वजन को समझा-बुझाकर पोस्टमार्टम के लिए राजी करवाया।
नहीं पहुंची एंबुलेस, बच्चों को निजी वाहन से पहुंचाया सीएचसी
साद को जब नदी से बाहर निकाला गया, पेट दबाकर पानी बाहर निकालने के दौरान उसके शरीर में कुछ हलचल मची। लेकिन पुलिस के वहां पहुंचने के बाद भी एंबुलेंस की व्यवस्था नहीं की जा सकी। इसके चलते लोग दोनों बच्चों को गोद में पकड़कर ले जाने लगे। आगे जाकर निजी वाहन के माध्यम से उन्हें सीएचसी पहुंचाया गया।
दहशत में आया अयान
साद व अनमता के डूबने पर उनके साथ गए दोनों भाई अयान व अरमान पीछे होने के कारण बच गए। घटना के बाद अयान दहशत में आ गया। हालत खराब होने पर उसे घर भेज दिया गया। जबकि अरमान हिम्मत कर वहां बैठा रहा।