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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 29, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    गढ़वाल राइफल्स के जवानों ने माउंट एवेस्ट पर फहराया तिरंगा, विश्व की सबसे ऊंची चोटी से लगाए 'भारत माता की जय' के नारे

    Updated: Thu, 29 May 2025 06:27 PM (IST)

    गढ़वाल राइफल्स के चार जवानों ने माउंट एवरेस्ट पर तिरंगा फहराकर इतिहास रचा। सेना के 22 पर्वतारोहियों के दल ने 27 मई को यह उपलब्धि हासिल की। इस दल में न ...और पढ़ें

    विश्व की सबसे ऊची चोटी माउंट एवरेस्ट फतह करने के बाद राष्ट्रीय व गढ़वाल रेजीमेंट के ध्वज फहराया: गढ़वाल राइफल्स
    विश्व की सबसे ऊची चोटी माउंट एवरेस्ट फतह करने के बाद राष्ट्रीय व गढ़वाल रेजीमेंट के ध्वज फहराया: गढ़वाल राइफल्स

    HighLights

    1. 27 मई को सेना के 22 पर्वतारोहियों के दल ने किया माउंट एवरेस्ट पर सफलतापूर्वक आरोहण
    2. दल में गढ़वाल राइफल्स के एक नायब सूबेदार, दो हवलदार व एक लांसनायक भी शामिल

    संवाद सहयोगी, जागरण, लैंसडौन। गढ़वाल राइफल्स के चार जवानों ने विश्व की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट को फतह किया है। मंगलवार को उन्होंने सेना के पर्वतारोही दल के साथ माउंट एवरेस्ट पर तिरंगा फहराया। इस दौरान उन्‍होंने 'भारत माता की जय' के नारे लगाए। इससे लैंसडौन स्थित गढ़वाल राइफल्स रेजीमेंट में खुशी का वातावरण है।

    गढ़वाल रेजीमेंट के ब्रिगेडियर विनोद सिंह नेगी ने बताया कि नई दिल्ली से 10 अप्रैल को लेफ्टिनेंट कर्नल मनोज जोशी के नेतृत्व में सेना के 22 पर्वतारोहियों का दल 8,848 मीटर ऊंचे माउंट एवरेस्ट पर आरोहण के लिए रवाना हुआ था।

    दल में छठवीं गढ़वाल राइफल्स के नायब सूबेदार सुनील सिंह, गढ़वाल स्काउट के हवलदार बलवंत सिंह व लांसनायक धर्मेंद्र और 13वीं गढ़वाल राइफल्स के हवलदार रघुवीर सिंह भी शामिल थे।

    हिमालय के विषम मौसम और भौगोलिक चुनौतियों को पार करते हुए यह दल 27 मई को माउंट एवरेस्ट की चोटी पर पहुंचा। इस चुनौतीपूर्ण अभियान का संचालन लेफ्टिनेंट कर्नल भानू पाठक, मेजर महक मेहता और मेजर अनिरुद्ध यादव ने किया।

    ब्रिगेडियर विनोद सिंह नेगी ने कहा कि इस अभियान में जवानों ने न केवल पर्वतारोहण की कठिनाइयों को पार किया, बल्कि पूरी सेना और गढ़वाल राइफल्स को गौरवान्वित किया है। यह अभियान जवानों के साहस और हिमालयी चुनौतियों से जूझने की उनकी अदम्य भावना का प्रतीक है।

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