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    Uttarakhand: गंगोत्री धाम में माइनस तापमान, नदी-झरने और पेयजल लाइनों में जम गया पानी

    Updated: Fri, 12 Dec 2025 12:40 AM (IST)

    उत्तराखंड के उत्तरकाशी में गंगोत्री धाम और गंगोत्री नेशनल पार्क क्षेत्र में शीतलहर का प्रकोप बढ़ गया है। तापमान माइनस में पहुंचने से नदी, झरने और पेयज ...और पढ़ें

    गंगोत्री नेशनल पार्क क्षेत्र में आंशिक रूप से जमा झरना। वहीं, गोत्री-गोमुख ट्रेक पर जमी हुई पानी की धारा के ऊपर गश्त को निकली पार्क की टीम। स्रोत पार्क प्रशासन

    गंगोत्री नेशनल पार्क क्षेत्र में आंशिक रूप से जमा झरना। वहीं, गोत्री-गोमुख ट्रेक पर जमी हुई पानी की धारा के ऊपर गश्त को निकली पार्क की टीम। स्रोत पार्क प्रशासन 

    HighLights

    1. गंगोत्री धाम के साथ गंगोत्री नेशनल पार्क क्षेत्र में पड़ रही कड़ाके की सर्दी 

    2.  गंगोत्री नेशनल पार्क की टीम गंगोत्री-गोमुख ट्रेक पर गश्त कर लौटी

    जागरण संवाददाता, उत्तरकाशी: गंगोत्री धाम सहित ऊंचाई वाले गंगोत्री नेशनल पार्क क्षेत्र में शीतलहर का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। यहां रात्रि में तापमान माइनस में पहुंचने से नदी व झरनों के साथ पेयजल स्रोत व पाइपलाइनों में भी पानी जमने लगा है। पेयजल लाइनों में पानी जमने से धाम में रहे रहे लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

    बता दें कि चारधाम में प्रमुख गंगोत्री धाम सहित गंगोत्री नेशनल पार्क क्षेत्र की ऊंची चोटियों पर तो बर्फबारी हो चुकी है, लेकिन धाम में अब तक बर्फ नहीं गिरी है। बावजूद इसके यहां शीतलहर का प्रकोप बढ़ने से रात्रि का तापमान माइनस नौ डिग्री सेल्सियस तक पहुंच रहा है।

    इस कारण गंगोत्री धाम में सुबह-शाम कड़ाके की ठंड पड़ रही है। तापमान माइनस में होने से गंगोत्री धाम व गंगोत्री नेशनल पार्क क्षेत्र में नदी, झरने व पानी के स्रोत जमने लगे हैं। गंगोत्री नेशनल पार्क के गेट शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए हैं, लेकिन पार्क क्षेत्र के वन कर्मी नियमित गश्त जारी रखे हुए हैं।

    Uttarkashi weather

    गत मंगलवार व बुधवार को पार्क के वन दरोगा राजवीर सिंह रावत के नेतृत्व में वन कर्मी दीपक, विक्रम सिंह, संपूर्णानंद भट्ट, अनुज आदि की एक टीम ने गंगोत्री-गोमुख ट्रेक पर रूटिन गश्त की, उस दौरान भी टीम को पांच से सात जगहों पर पानी के स्रोत जमे हुए मिले।

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    ट्रेक पर छोटी-छोटी जल धाराओं के रूप में आने वाला पानी जमा हुआ मिलने से ट्रेक पर फिसलन के चलते दुर्घटना का खतरा बना हुआ है। धाम में सबसे ज्यादा परेशानी पेयजल लाइनों में पानी के जमने से हो रही है।

    frozen water fall

    पानी के जमने से कई जगह पाइपलाइन पूरी तरह चोक हो गई है, जिससे स्थानीय लोगों, पुलिस व वन कर्मियों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है और उन्हें भागीरथी नदी से पीने का पानी ढोना पड़ रहा है। लेकिन बावजूद इसके पार्क के कर्मचारी गश्त जारी रखे हुए हैं।

    वन दरोगा राजवीर सिंह रावत ने बताया कि धाम में शीतलहर बढ़ने से ड्यूटी करना चुनौतीपूर्ण बनता जा रहा है। बताया कि गंगोत्री धाम में अधिकतम तापमान -0.4 व न्यूनतम तापमान -9.9 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज किया गया है।

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