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उत्तरकाशी के दयारा बुग्याल में 7 दिन से लापता है बबीता पांडे, तलाश के लिए उतरेगी निम की टीम

Published: Sat, 06 Jun 2026 12:19 AM (GMT+05:30)

उत्तरकाशी के दयारा बुग्याल से सात दिनों से लापता एमबीए छात्रा बबीता पांडे की तलाश में अब निम की टीम ...और पढ़ें

लापता बबीता पांडे की फोटो।

लापता बबीता पांडे की फोटो।

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अजय कुमार, उत्तरकाशी। दयारा बुग्याल ट्रेक पर सात दिनों से लापता चल रही रामनगर नैनीताल निवासी एमबीए छात्रा बबीता पांडे की खोजबीन के लिए अब निम (नेहरू पर्वतारोहण संस्थान) की टीम उतरेगी।

जिला प्रशासन ने निम से इसके लिए मदद मांगी है। इधर, शुक्रवार को सातवें दिन भी बबीता की खोजबीन को दयारा के पड़ाव गोई व दयारा क्षेत्र में खोजबीन अभियान जारी रहा। हालांकि बबीता का कहीं कुछ पता नहीं चल पाया।

बता दें कि बीते 29 मई को ग्राम चिल्किया रामनगर नैनीताल निवासी 24 वर्षीय बबीता पांडे अपने दो अन्य साथियों हरमनप्रीत सिंह व हरमन पाल के साथ दयारा बुग्याल घूमने आई थी। जो कि 29 मई की रात को दयारा बुग्याल के पड़ाव गोई से रहस्यमय ढंग से लापता हो गई थी।

उसकी खोजबीन को शुरूआती दिनों में पुलिस, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, राजस्व, वन विभाग व एसओजी की टीम ने सर्च आपरेशन चलाया।

बाद में, इस सर्च आपरेशन के लिए आईटीबीपी व सेना की भी मदद मांगी गई। लेकिन बबीता का अब तक कहीं कुछ पता नहीं चला है। हालांकि सीओ जनक सिंह पंवार के नेतृत्व में बबीता की तलाश में पुलिस व कुछ वन कर्मियों की टीम गोई में डेरा डाले हुए हैं।

इस टीम ने गुरुवार व शुक्रवार को भी क्षेत्र में गहन छानबीन की। लेकिन बबीता का पता नहीं चला। अब जिला प्रशासन ने दयारा बुग्याल से लगे अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में सर्च आपरेशन के लिए जिला मुख्यालय में ही स्थित देश के अग्रणी पर्वतारोहण प्रशिक्षण संस्थान निम याने कि नेहरू पर्वतारोहण संस्थान की मदद मांगी है।

देश-विदेश के युवाओं को पर्वतारोहण व ट्रेकिंग आदि का प्रशिक्षण देने वाला यह संस्थान सर्च एंड रेस्क्यू कोर्स का भी संचालन करता है। ऐसे में इस संस्थान के सर्च आपरेशन में उतरने से कुछ न कुछ सफलता मिलने की भी उम्मीद की जा रही है।

लापता बबीता की खोजबीन को सर्च आपरेशन में मदद के लिए निम को पत्र लिखा गया है। हालांकि उनकी तरफ से अभी इसके लिए हामी नहीं भरी गई है। उम्मीद है कि आज देर शाम या कल तक निम इस पर अपनी हामी भर देगा।

-प्रशांत आर्य, जिलाधिकारी उत्तरकाशी।

परिवार ने की जांच का दयारा बढ़ाने की मांग

लापता बबीता के चचेरे भाई पंकज पांडे के अनुसार 29 मई की रात जिस स्थान पर बबीता का टेंट लगा था, उसके आसपास करीब 15 से 16 अन्य टेंट भी लगे हुए थे, जिनमें लगभग 50 से 60 पर्यटक रुके थे। उन्होंने दावा किया कि बबीता का टेंट इन टेंटों के बीच में स्थित था।

उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि उस रात वहां मौजूद सभी पर्यटकों की पहचान सत्यापित की जाए और आवश्यक पूछताछ की जाए। उनका कहना है कि जब बबीता का नाम पंजीकरण पोर्टल में दर्ज नहीं मिला तो इस पहलू की भी गंभीरता से जांच होनी चाहिए कि कहीं अन्य स्तरों पर भी कोई अनियमितता तो नहीं हुई।

उन्होंने पुलिस प्रशासन से जांच का दायरा बढ़ाने की मांग की है। वहीं, पुलिस के साथ पिछले कुछ दिनों से दयारा ट्रेक पर लापता बहन की खोजबीन में जुटा बबीता का छोटा भाई हर्षित पांडे घर वापस लौट गया है।

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