विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

फिर चर्चा में आई सिलक्यारा सुरंग, टनल का 90 % कार्य हुआ पूरा; चारधाम यात्रा में निभाएगी अहम भूमिका

Published: Sun, 04 Jan 2026 05:23 PM (IST)

यमुनोत्री हाईवे पर निर्माणाधीन सिलक्यारा-पोलगांव सुरंग का 90 प्रतिशत सिविल कार्य पूरा हो गया है, जिसका लक्ष्य मार्च 2027 तक ...और पढ़ें

यमुनोत्री हाईवे पर निर्माणाधीन सिलक्यारा-पोलगांव सुरंग। जागरण

यमुनोत्री हाईवे पर निर्माणाधीन सिलक्यारा-पोलगांव सुरंग। जागरण

HighLights

  1. सुरंग का 90% सिविल कार्य पूरा, लक्ष्य मार्च 2027

  2. चारधाम यात्रा में 26 किमी दूरी घटेगी, होगी सुगम

  3. 2027 की चारधाम यात्रा में सुरंग उपयोग की संभावना

अजय कुमार, जागरण उत्तरकाशी: सब कुछ ठीक रहा तो वर्ष 2027 की चारधाम यात्रा के लिए यमुनोत्री हाईवे पर निर्माणधीन राज्य की सबसे लंबी 4.5 किमी सड़क सुरंग बनकर तैयार हो जाएगी। इस सुरंग का सिविल कार्य 90 प्रतिशत तक पूरा हो चुका है।

अवशेष 10 प्रतिशत सिविल कार्य के बाद इलेक्ट्रिकल व मैकेनिकल कार्य शुरू होंगे। निर्माण कंपनी नव युगा के अधिकारियों के अनुसार मार्च 2027 तक सुरंग का निर्माण पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

इस सुरंग के बनने से गंगोत्री व यमुनोत्री धाम के मध्य करीब 26 किमी की दूरी घटेगी। साथ ही यात्रा सरल व सुगम हो जाएगी।

बता दें कि चारधाम सड़क परियोजना में लगभग 858 करोड़ रुपये की लागत से साढ़े चार किमी लंबी सिलक्यारा-पोलगांव सुरंग का नि़र्माण कार्य वर्ष 2018 में शुरू हुआ था, जिसे पूर्व में पूरा करने का लक्ष्य वर्ष 2022 तय था। लेकिन तकनीकी कारणों से यह वर्ष 2022 में बनकर तैयार नहीं हो पाई। व

हीं, वर्ष 2023 में इस सुरंग के सिलक्यारा मुहाने के बाद भारी भूस्खलन से 41 मजदूरों के फंसने की घटना घटी, जिनके रेस्क्यू आपरेशन पर 17 दिनों का समय लगा था। इस घटना के कारण इस सुरंग का निर्माण बुरी तरह प्रभावित हुआ।

जनवरी 2024 में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने कार्यदायी संस्था राष्ट्रीय राजमार्ग एवं अवसंरचना विकास निगम लिमिटेड (एनएचआइडीसीएल) को दोबारा काम शुरू करने की अनुमति दी।

लेकिन श्रमिकों के फंसने के हादसे के चलते सुरंग का निर्माण बंद रहने से इसमें पानी भर गया, जिसकी निकासी के बाद निर्माण कार्य शुरू करने में समय लगा।

16 अप्रैल 2024 को इस सुरंग को सफलतापूर्वक आर-पार कराया गया, जिसके बाद से अवशेष निर्माण को पूरा करने का काम जारी है।

267 श्रमिक व 90 कर्मियों का स्टाफ सुरंग निर्माण में रात-दिन जुटा हुआ है। अधिकांश कार्य अब पोलगांव बड़कोट छोर से ही शेष रह गए हैं।

सिलक्यारा-पोलगांव सुरंग में सिविल कार्य 90 प्रतिशत पूरा हो गया है। इस प्रतिशत सिविल कार्य में सुरंग के बीचोंबीच दीवार निर्माण का काम पांच-छह माह में पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद इलेक्ट्रिकल व मैकेनिकल कार्य शुरू किया जाएगा। मार्च 2027 तक निर्माण पूरा करने का लक्ष्य है। संभावना है कि वर्ष 2027 की चारधाम यात्रा सुरंग से होगी।
- श्री राम, प्रोजेक्ट मैनेजर निर्माण कंपनी नवयुगा।

यह भी पढ़ें- चमोली : लोको वैगन भिड़ंत की मजिस्ट्रेटी जांच शुरू, हादसे में कई श्रमिक हो गए थे घायल

यह भी पढ़ें- उत्तराखंड: चमोली टनल हादसे में THDC सख्त, लापरवाही पर लोको वैगन आपरेटर को किया बर्खास्त

देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।