यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 25, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Earthquake in Uttarakhand: उत्तरकाशी में फिर डोली धरती, लगातार दूसरे दिन आए भूकंप से लोगों में दहशत
Earthquake in Uttarkashi उत्तरकाशी में लगातार दूसरे दिन भूकंप के झटके महसूस किए गए। शनिवार तड़के 548 पर आया भूकंप का हल्का झटका लोगों में दहशत पैदा कर ...और पढ़ें

जागरण संवाददाता, उत्तरकाशी। Earthquake in Uttarkashi: उत्तरकाशी में फिर धरती डोली। शनिवार तड़के 5:48 पर भूकंप का हल्का झटका महसूस किया गया। जिससे लोग दहशत से भर गए। कल शुक्रवार को भी उत्तरकाशी में भूकंप के तीन झटके आए थे।
भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 02.04 मापी गई है। भूकंप गहराई पांच किमी बताई गई है। भूकंप का केंद्र बिंदु तहसील डुण्डा के ग्राम खुरकोट और भरणगांव के मध्य वन क्षेत्र में था।
जिला मुख्यालय समेत मनेरी, भटवाड़ी व डुंडा क्षेत्र में शुक्रवार सुबह भूकंप के तीन झटकों से दहल उठा। भूकंप का पहला झटका 7:41 बजे, दूसरा 8:19 और तीसरा 10:59 बजे पर महसूस किया गया, पहले दो झटकों की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर क्रमश: 2.7 और 3.5 थी, जिनका केंद्र भी उत्तरकाशी जनपद में ही स्थित था। जबकि तीसरा भूकंप की बहुत हल्का होने से इसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर दर्ज नहीं हो पायी।
वरुणावत भूस्खलन जोन से भी गिरे पत्थर
शुक्रवार को आए भूकंप के तीन झटकों के दौरान वरुणावत पर्वत पर गत वर्ष अगस्त माह में सक्रिय हुए भूस्खलन जोन से भी पत्थर गिरे। इससे क्षेत्र के लोग दहशत में आए। सुरक्षा की दृष्टि से आपदा प्रबंधन विभाग ने एसडीआरएफ की टीम को मौके पर भेजा। हालांकि आपदा प्रबंधन विभाग ने भूस्खलन से इंकार किया है।
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5 किमी नीचे तहसील भटवाड़ी के ग्राम तिलोथ के वन क्षेत्र में था केंद्र
यहां शुक्रवार सुबह लोग सामान्य दिनों की तरह रोजमर्रा के कामों की शुरूआत कर रहे थे, इसी बीच 7 बजकर 41 बजे भूकंप का पहला झटका आया, जिसका केंद्र जमीन से 5 किमी नीचे तहसील भटवाड़ी के ग्राम तिलोथ के वन क्षेत्र में था।
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दूसरा झटका करीब आधा घंटे बाद 8 बजकर 19 बजे महसूस किया गया, जिसका केंद्र भी जमीन से 5 किमी नीचे तहसील भटवाड़ी के दायारा बुग्याल के वन क्षेत्र में था। यह झटका इतना तेज था कि लोग दहशत में आकर अपने घरों से बाहर निकल आए।
लोगों के जेहन में वर्ष 1991 में आए विनाशकारी भूकंप की कड़वी यादें ताजा
वहीं, व्यावसायिक प्रतिष्ठान खोल रहे लोग भी दहशत में रहे। इसके बाद तीसरा भूंकप का झटका ढाई घंटे बाद 10 बजकर 59 मिनट पर महसूस किया गया।
भूकंप के इन झटकों ने लोगों के जेहन में वर्ष 1991 में आए विनाशकारी भूकंप की कड़वी यादें ताजा कर दी हैं, जिसकी तीव्रता रिक्टर स्केल पर 6.6 रही थी।