उत्तरकाशी में धंसा गंगोत्री हाईवे, जगह-जगह पड़ीं दरारें; 2 घंटे ठप रहा आवागमन
रविवार रात हुई वर्षा से पापड़गाड के पास गंगोत्री हाईवे का 70 मीटर हिस्सा धंस गया, जिससे जगह-जगह दरारें पड़ गईं और दो घंटे तक आवागमन बाधित रहा। बीआरओ न ...और पढ़ें
HighLights
रविवार रात वर्षा से गंगोत्री हाईवे का 70 मीटर हिस्सा धंसा।
भू-धंसाव के कारण दो घंटे तक वाहनों की आवाजाही रही बाधित।
बीआरओ ने अस्थायी मरम्मत की, स्थायी समाधान की आवश्यकता।
संवाद सूत्र, भटवाड़ी(उत्तरकाशी)। रविवार रात हुई वर्षा के चलते पापड़गाड के पास गंगोत्री हाईवे का करीब 70 मीटर हिस्सा धंस गया। इस कारण हाईवे पर जगह-जगह दरारें पड़ गईं। वहीं, वाहनों की आवाजाही करीब दो घंटे तक प्रभावित रही। सूचना पर बीआरओ ने धंसाव प्रभावित हाईवे को मिट्टी भरकर वाहनों की आवाजाही के लिए खोल दिया है। लेकिन वर्षा के दौरान यहां फिर से हाईवे पर धंसाव बढ़ने का खतरा बना हुआ है।
बता दें कि भटवाड़ी से लेकर हेल्गूगाड तक गंगोत्री हाईवे भू-धंसाव प्रभावित है। वर्ष 2010 में भटवाड़ी बाजार से गुजरने वाला गंगोत्री हाईवे भू-धंसाव की जद में आया था, जिस पर बड़ी-बड़ी दरार पड़ गई थी। साथ ही कई व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को भी नुकसान पहुंचा था। यहां इतने समय बाद भी भू-धंसाव का खतरा बरकरार है। रविवार रात हुई वर्षा के बाद पापड़गाड के पास अचानक हाईवे का करीब 70 मीटर हिस्सा धंस गया, जिसके चलते हाईवे पर दरारें उभर आईं।
एक स्थान पर करीब एक मीटर से अधिक हाईवे धंसने से सुबह छह से आठ बजे तक भारी वाहनों की आवाजाही ठप हो गई। हाईवे धंसने से बड़ी संख्या में दुपहिया वाहनों से आवाजाही कर रहे कांवड़ यात्री भी कुछ समय तक फंसे रहे। सूचना पर बीआरओ ने मिट्टी भरकर अस्थायी रुप से हाईवे को सभी तरह के वाहनों के लिए बहाल किया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बीआरओ ने कई स्थानों पर खानापूर्ति वाले सुरक्षात्मक कार्य किए हैं। घोड़ाला नामक स्थान और पापड़गाड के पास गंगोत्री हाईवे को भू-धंसाव से बचाने के लिए मिट्टी के ऊपर वायरक्रेट का कार्य तो किया, लेकिन भागीरथी नदी से कटाव प्रभावित क्षेत्र में सुरक्षात्मक कार्य नहीं किए। इस कारण भू-धंसाव का खतरा ज्यादा बढ़ा है।
पापड़गाड में अधिक मलबा आने से भागीरथी का प्रवाह हाईवे की ओर हो गया है। इस कारण दिक्कत हो रही है। वर्तमान में फिलिंग कर हाईवे पर यातायात चलाया जा रहा है। यदि ज्यादा दिक्कत हुई तो हिल साइड कटिंग की जायेगी। स्थायी ट्रीटमेंट के लिए टीएचडीसी ने सर्वे कर प्रस्ताव तैयार किया है, जिस पर स्वीकृति के बाद ही काम होगा। -सुमित वर्मा, आफिसर कमांडिंग बीआरओ