उत्तरकाशी में 32 घंटे बाद खुला यमुनोत्री हाईवे, भूस्खलन का जोखिम अब भी बरकरार
यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग 32 घंटे बाद बुधवार दोपहर को यातायात के लिए खुल गया, जिससे फंसे यात्रियों ने राहत की सांस ली।

यमुनोत्री हाईवे खुलने के बाद पालीगाड़ क्षेत्र से गुजरते यात्री वाहन
HighLights
यमुनोत्री हाईवे 32 घंटे बाद बुधवार को यातायात के लिए खुला।
पालीगाड़-सिलाई बैंड पर भूस्खलन व बोल्डर गिरने का खतरा बरकरार।
सात ग्रामीण मोटरमार्ग अभी भी बंद, बहाली का प्रयास जारी।
जागरण संवाददाता, उत्तरकाशी। यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर करीब 32 घंटे बाद बुधवार दोपहर बाद आवाजाही बहाल हो गई। हालांकि यहां भूस्खलन का खतरा बना होने से आवाजाही में जोखिम बना हुआ है। लेकिन घंटों बाद आवाजाही बहाल होने पर जगह-जगह फंसे यात्रियों ने राहत की सांस ली है।
बता दें कि बीते सोमवार रात को हुई वर्षा के चलते मंगलवार तड़के पांच-छह बजे यमुनोत्री हाईवे पालीगाड, सिलाई बैंड, स्यानाचट्टी, दुर्बिल, जंगलचट्टी आदि क्षेत्रों में जगह-जगह भूस्खलन के कारण मलबा व बोल्डर आने से बाधित हो गया था। एनएच बड़कोट की टीम ने अन्य क्षेत्र में तो आवाजाही बहाल करा दी थी।
लेकिन पालीगाड़ और सिलाई बैंड के मध्य लगातार पहाड़ी से गिरते बोल्डरों के कारण यहां आवाजाही बहाल करना एनएच की टीम के लिए भी चुनौतीपूर्ण बना हुआ था। बुधवार को वर्षा थमने पर जब पहाड़ी से बोल्डर गिरना बंद हुए तो यहां मलबा व बोल्डर हटाने का काम शुरू किया गया, तब जाकर बुधवार दोपहर बाद करीब पौने दो यातायात बहाल हो सका।
हालांकि यहां पहाड़ी से पत्थर व मलबा गिरने का खतरा बना हुआ है। इस कारण पालीगाड़ व सिलाई बैंड के डेंजर प्वाइंटों से जोखिम के बीच ही यात्रा हो पा रही है।
सात ग्रामीण मोटरमार्ग अब भी बंद
बीते सोमवार रात हुई वर्षा के चलते 13 ग्रामीण मोटरमार्ग बंद हुए थे। वहीं, एक जिला मार्ग(उडखोला-जिव्या) चिन्यालीसौड़ क्षेत्र में बंद हुआ। आपदा प्रबंधन केंद्र से मिली जानकारी के अनुसार यमुनोत्री हाईवे व जिला मार्ग पर यातायात बहाल होने के बाद वर्तमान में सात ग्रामीण मोटरमार्ग बंद चल रहे हैं, जिन पर संबंधित पीएमजीएसवाइ विभाग के द्वारा आवाजाही बहाल करने का प्रयास किया जा रहा है।
देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।