आजकल कई लोगों को नसों से जुड़ी समस्याएं हो रही हैं, जिसके चलते कई बार शरीर को मूवमेंट करने में भी परेशानी आती है।
ऐसे में नसों की यह क्रॉनिक वेनस इनसफीशिएंसी एक खतरनाक बीमारी है। यह पैरों की नसों में खून की आपूर्ति ठीक से नहीं कर पाती है।
यह नस की बीमारी धीरे-धीरे गंभीर रूप ले सकती है। ऐसे में आइए जानते हैं इसके 5 लक्षण के बारे में।
दिनभर बैठे या खड़े रहने के बाद पैरों में थकान और भारीपन महसूस होना एक शुरुआती संकेत हो सकता है।
यदि पैरों पर नीली या बैंगनी नसें उभरने लगे, तो ये नसों में खून रुकने का संकेत है।
पैरों व टखनों में बार-बार सूजन आना, जो आराम के बाद भी कम न हो, तो ये इस बीमारी का संकेत हो सकता है।
पैरों पर बने छोटे घाव भी लंबे समय तक ठीक न हों तो ये नसों में रुकावट का गंभीर संकेत हो सकता है।
पैरों की त्वचा का रंग गहरा पड़ने लगे, खासकर टखनों के पास, तो इसे नजरअंदाज न करें।
इन लक्षणों को भूलकर भी इग्नोर न करें। हेल्थ से जुड़ी तमाम खबरों को पढ़ते रहने के लिए जुड़े रहें jagran.com के साथ। All Images Credit: Canva