आपने कुछ लोगों को देखा होगा, जिनके हाथ-पैर कांपते रहते हैं। हालांकि यह आमतौर बुजुर्गों में ज्यादा देखने को मिलता है। वहीं, कई बार डर के कारण भी हाथ-पैर कांपने लगते हैं।
आज हम आपको बताएंगे कि आखिर किन बीमारियों के चलते व्यक्ति के हाथ-पैर कांपने लगते हैं। आइए इसके बारे में विस्तार से जानें, ताकि आपको सही जानकारी हो सकें।
कहा जाता है कि अगर कोई व्यक्ति पार्किंसन बीमारी से पीड़ित हो जाए, तो उस व्यक्ति के हाथ-पैर कांपने लगते हैं। इस बीमारी में डोपामिन नामक केमिकल मांसपेशियों की गति को कंट्रोल करने लगता है।
शरीर में अगर किसी व्यक्ति की बॉडी में विटामिन-बी12 की कमी हो जाए, तो ऐसे में उस व्यक्ति के हाथ-पैर धीरे-धीरे कांपने लगते हैं। इसे आपको इग्नोर नहीं करना चाहिए।
अगर किसी व्यक्ति के हाथ पैर कांप रहे हैं, तो यह सीधा-सीधा हाइपरथाइरॉयडिज्म बीमारी की ओर इशारा है। इस बीमारी में थायराइड ग्रंथि अधिक मात्रा में थायराइड हार्मोन का उत्पादन करती है।
स्ट्रेस एक ऐसी चीज है, जो बहुत सी बीमारियों को जन्म देने का काम करती है और आज के समय में स्ट्रेस नॉर्मल है। स्ट्रेस लेने से भी आपके हाथ-पैर कांप सकते हैं।
यह बीमारी ऐसी है, जो किसी भी उम्र में आपको हो सकती है। एसेंशियल ट्रेमर बीमारी जेनेटिक होती है। जो लोग इस बीमारी से पीड़ित होते हैं, उनके हाथ-पैर कांपने लगते हैं।
अगर कोई बहुत लंबे समय तक अच्छी नींद नहीं ले रहा है, तो एक समय बाद उसके हाथ-पांव कांपने लगते हैं। बेहतर होगा कि आप दिन में 7-8 घंटे की नींद जरूर लें।
लेख में दी गई सलाह और सुझाव केवल सामान्य सूचना के उद्देश्य से हैं। लाइफस्टाइल से जुड़ी तमाम बड़ी खबरों के लिए पढ़ते रहें jagran.com