गुरुवार का दिन जगत के पालनहार श्रीहरि विष्णु जी को समर्पित होता है, इसके अलावा देवगुरु बृहस्पति को भी यह दिन समर्पित होता है।
इस दिन लोग भगवान विष्णु को प्रसन्न करने के लिए व्रत का पालन करते हैं, ऐसा करने से सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है और विष्णु जी की कृपा प्राप्त होती है।
गुरुवार के दिन व्रत का पालन करते समय कुछ बातों का विशेष रूप से ध्यान रखना चाहिए, ऐसी ही कुछ बातों के बारे में बताएंगे।
अगर पहली बार व्रत रखने का सोच रहे हैं तो किसी भी महीने के शुक्ल पक्ष से इसकी शुरुआत करें, हालांकि यह ध्यान रखें कि पौष माह में व्रत की शुरुआत न करें।
यदि गुरुवार के दिन व्रत का पालन कर रहे हैं तो 5, 11, 21, 51, 101 गुरुवार तक व्रत का पालन कर सकते हैं, इसके अलावा 16 गुरुवार भी व्रत का पालन कर सकते हैं।
इसके अलावा गुरुवार के दिन व्रत का पालन 1, 3 साल तक कर सकते हैं, अधिकतर लोग 1 साल या फिर 3, 4 साल तक गुरुवार के दिन व्रत का पालन करते हैं।
गुरुवार के दिन भगवान विष्णु को पीले रंग की वस्तुएं अर्पित करें, क्योंकि विष्णु जी को पीला रंग बेहद प्रिय होता है। इस दिन पीले रंग की मिठाइयां, वस्त्र आदि अर्पित करें।
गुरुवार के दिन नमक का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए, ऐसा करने से भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त नहीं होती है।
गुरुवार के दिन व्रत का पालन करते समय इन नियमों का ध्यान रखना चाहिए, धर्म और आध्यात्म से जुड़ी ऐसी ही अन्य खबरों के लिए पढ़ते रहें Jagran.Com