आसनसोल नगर निगम बोर्ड भंग, अदिति चौधरी बनीं नई प्रशासक
पश्चिम बंगाल सरकार ने आसनसोल नगर निगम बोर्ड को भंग कर दिया है और आईएएस अधिकारी अदिति चौधरी को 6 महीने के लिए प्रशासक नियुक्त किया है। यह निर्णय नागरिक ...और पढ़ें

आसनसोल नगर निगम। (फाइल फोटो)
जागरण संवाददाता, आसनसोल। Asansol Municipal Corporation: आसनसोल नगर निगम में लंबे समय से चली आ रही खींचतान का पटाक्षेप हो गया है। पश्चिम बंगाल के नगर एवं शहरी विकास विभाग ने आसनसोल नगर निगम को भंग करने का आदेश जारी कर दिया। साथ ही प्रशासक की नियुक्ति भी हो गई है।
पश्चिम बंगाल नगर निगम अधिनियम 2006 की धारा 60( वन) के तहत की गई इस कार्रवाई के साथ ही आइएएस अधिकारी जो वर्तमान में आसनसोल-दुर्गापुर विकास प्राधिकरण की कमिश्नर है, उन्हें आसनसोल नगर निगम की प्रशासक नियुक्त किया गया है। अदिति चौधरी तृणमूल सरकार के दौरान आसनसोल नगर निगम की कमिश्नर रह चुकी हैं।
उनके कार्यकाल के दौरान ही आसनसोल दुर्गापुर पुलिस कमिश्नरेट एवं जिला शासक का नया भवन का उद्घाटन पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आनलाइन किया था। मृदुल स्वभाव की युवा अधिकारी अदिति चौधरी उत्तर प्रदेश की रहने वाली है। बताया जाता है कि प्रशासनिक कार्य की क्षमता को देखते हुए भाजपा सरकार ने उन्हें एडीडीए की कमिश्नर के अलावा आसनसोल नगर निगम का प्रशासक नियुक्त किया है।
अदिति के हाथ में 6 महीने तक प्रशासक होगी कमान की कमान। सरकारी आदेश में कहा गया है कि नागरिक सेवाओं में किसी तरह की बाधा न आए, इसलिए यह फैसला लिया गया है। नई निर्वाचित बोर्ड के गठन तक या अधिकतम 6 महीने तक निगम की सभी प्रशासनिक शक्तियां प्रशासक के पास रहेंगी।
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नगर निगम को भंग करने की वजह
भाजपा की नए सरकार बनने के बाद से पिछले 2 महीनों से बोर्ड की बैठक न होना, संपत्ति कर में छूट का फैसला, प्रशासनिक गतिरोध और नागरिक सेवाओं में गड़बड़ी के आरोप लगाकर विभाग ने निगम को शो-काज नोटिस भेजा था। मंगलवार को मेयर विधान उपाध्याय ने ई-मेल के जरिए 6 पेज का जवाब भेजा था, लेकिन सरकार उससे संतुष्ट नहीं हुई। इसी के बाद बोर्ड भंग करने का निर्णय लिया गया।
बोर्ड के अंदर भी हालात खराब थे। 106 पार्षदों में से 6 पार्षद और 2 बोरो चेयरमैन पहले ही इस्तीफा दे चुके हैं। साथ ही पार्षदों का मानदेय और गाड़ी के लिए मिलने वाले 10 लीटर पेट्रोल भी बंद कर दिए गए हैं। इससे राजनीतिक और प्रशासनिक अस्थिरता और बढ़ गई थी। शो-काज नोटिस के बाद सोमवार को मेयर विधान उपाध्याय के कोलकाता जाकर टीएमसी नेता और राज्य के नेता प्रतिपक्ष ऋतब्रत बंद्योपाध्याय से मुलाकात करने को लेकर भी राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज थी।
मंगलवार को आसनसोल लौटकर मेयर ने सरकार के आरोपों को खारिज करते हुए कहा था कि नगर सेवाएं ठीक से चल रही हैं। अब सबकी निगाहें प्रशासक अदिति चौधरी के नेतृत्व में आसनसोल की नागरिक सेवाएं कितनी जल्दी पटरी पर लौटती हैं और कब तक नए बोर्ड के गठन की प्रक्रिया शुरू होती है।