Durgapur Projects Limited में कूलिंग टावर से गिरकर दो श्रमिकों की दर्दनाक माैत, एक लापता; मजदूरों में आक्रोश
DPL Accident: पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर स्थित DPL में कूलिंग टावर से गिरने से दो ठेका श्रमिकों की मौत हो गई, जबकि एक अन्य लापता है। ...और पढ़ें

दुर्गापुर प्रोजेक्ट्स लिमिटेड।(फाइल फोटो)
HighLights
दुर्गापुर DPL में कूलिंग टावर से गिरकर दो श्रमिकों की मौत।
भारतीय मजदूर संघ ने सुरक्षा में लापरवाही का आरोप लगाया।
मृतकों के परिजनों के लिए 15 लाख मुआवजे की मांग।
जागरण संवाददाता, दुर्गापुर। पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर स्थित Durgapur Projects Limited (DPL) में बुधवार को एक दर्दनाक हादसे में दो ठेका श्रमिकों की मौत हो गई, जबकि एक अन्य श्रमिक की तलाश जारी है। इस घटना के बाद श्रमिकों के बीच शोक और आक्रोश का माहौल है।
डीपीएल सूत्रों के अनुसार, प्लांट के नंबर-7 कूलिंग टावर पर रेलिंग काटने का कार्य चल रहा था। इसी दौरान अचानक श्रमिक ऊंचाई से नीचे गिर गए। मौके पर ही दो श्रमिकों की मौत हो गई। मृतकों की पहचान अंडाल निवासी 54 वर्षीय उमेश साव और दुर्गापुर इस्पात नगरी के बी-ज़ोन निवासी 40 वर्षीय पिंटू कुमार घोष के रूप में हुई है।
पुलिस और डीपीएल अधिकारियों ने शुरू की जांच
हादसे की सूचना मिलते ही डीपीएल परिसर में अफरा-तफरी मच गई। पुलिस और डीपीएल के अधिकारी मौके पर पहुंचे तथा जांच शुरू कर दी। डीपीएल की जनसंपर्क अधिकारी स्वागता मित्रा ने बताया कि यह दुर्घटना नंबर-7 कूलिंग टावर पर हुई।
उनके अनुसार, श्रमिकों ने सभी निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए काम शुरू किया था। इसके बावजूद हादसा कैसे हुआ, इसकी विस्तृत जांच कराई जा रही है।
भारतीय मजदूर संघ ने प्रबंधन पर लगाया आरोप
वहीं, भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) के जिला सचिव मृण्मय बंद्योपाध्याय ने डीपीएल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि श्रमिकों को कम गुणवत्ता वाले सेफ्टी बेल्ट उपलब्ध कराए गए थे, जिनके टूट जाने के कारण वे नीचे गिर गए।
खबरें और भी
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्लांट मेडिकल में उस समय कोई चिकित्सक मौजूद नहीं था और डीपीएल अस्पताल से डॉक्टर बुलाकर मृतकों की जांच कराई गई।
15 लाख रुपये मुआवजा की मांग
बीएमएस ने मृतकों के स्वजनों को 15 लाख रुपये मुआवजा, अंतिम संस्कार के लिए 60 हजार रुपये तथा परिवार के एक सदस्य को स्थायी नौकरी देने की मांग की है।
इस हादसे के बाद कार्यस्थल पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। दुर्घटना के वास्तविक कारणों और सुरक्षा मानकों में किसी तरह की लापरवाही हुई या नहीं, इसका पता जांच के बाद ही चल सकेगा।