बंगाल: पैसे का लालच देकर नाबालिग छात्रों से कराया रक्तदान, सरगना समेत तीन गिरफ्तार
दुर्गापुर में स्कूली बच्चों को पैसे का लालच देकर रक्तदान कराने वाले गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। सरगना समेत तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर पुलिस र ...और पढ़ें
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HighLights
दुर्गापुर में स्कूली बच्चों से अवैध रक्तदान का खुलासा।
सरगना हबीबुर सहित तीन आरोपी पुलिस रिमांड पर।
आधार कार्ड में जन्मतिथि बदलकर कराते थे रक्तदान।
जागरण संवाददाता, दुर्गापुर। बंगाल के दुर्गापुर में स्कूली बच्चों को 300 से 500 रुपये देकर रक्तदान कराने वाले गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। मामले में गिरोह का सरगना मालदा जिले के मोथाबाड़ी निवासी मो. हबीबुर के अलावा दुर्गापुर न्यू टाउनशिप निवासी अमित प्रसाद और दुर्गापुर स्टील टाउनशिप के ए-जोन निवासी देवप्रिय चक्रवर्ती को गिरफ्तार किया गया है।
हबीबुर विधाननगर स्थित एक निजी अस्पताल के सामने छोटे से होटल में काम करता है। अस्पताल में भर्ती मरीज को रक्त की जरूरत पड़ने पर उसके स्वजन हबीबुर के संपर्क में आते थे। इसके बाद वह अमित के साथ मिलकर रक्तदाता की तलाश करता था। मामले में स्वास्थ्य विभाग ने भी जांच शुरू कर दी है।
इधर, तीनों आरोपितों को शुक्रवार को अदालत में पेश किया गया, जहां जमानत नामंजूर कर उन्हें पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। अब पुलिस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और अब तक कितने बच्चों से रक्तदान कराया गया, इसकी पड़ताल कर रही है। हबीबुर मरीज के स्वजन से एक यूनिट रक्त के लिए दो से तीन हजार रुपये में सौदा करता था।
रक्तदान करने वाले 14-15 वर्ष के किशोरों को 300 से 500 रुपये दिए जाते थे। किसी छात्र को रक्तदाता बनने के लिए तैयार कराने वाले को 100 रुपये मिलते थे। शेष रकम हबीबुर और अमित रख लेते थे। अस्पताल में बच्चों की कम उम्र का पता न चले, इसके लिए आधार कार्ड में जन्मतिथि बदलने की भी बात सामने आई है।
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जांच में यह भी सामने आया कि नियम के अनुसार तीन माह के अंतर पर रक्तदान होना चाहिए, लेकिन हबीबुर ने ए-नेगेटिव ब्लड ग्रुप वाले एक छात्र से तीन माह में ही दो बार रक्तदान करा दिया।