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    पश्चिम बंगाल: दार्जिलिंग में तीस्ता नदी में गिरी कार, सात साल की बच्ची समेत चार लोगों की मौत

    Updated: Sun, 07 Jun 2026 02:42 PM (IST)

    सिक्किम के एक परिवार के चार सदस्यों की तीस्ता नदी में कार गिरने से दर्दनाक मौत हो गई। ...और पढ़ें

    दार्जिलिंग में तीस्ता नदी में गिरी कार(फोटो: एएनआई)

    दार्जिलिंग में तीस्ता नदी में गिरी कार(फोटो: एएनआई)

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    डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। सिक्किम और पश्चिम बंगाल को जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग 10 पर हुआ एक दर्दनाक हादसा 7 जून को भारी मातम में बदल गया। गंगटोक से सिलीगुड़ी जा रहे एक ही परिवार के चार सदस्यों के शव तीस्ता नदी में डूबी एक टाटा नेक्सॉन कार से बरामद कर लिए गए हैं।

    मृतकों की पहचान स्मारिका न्यौपाने (28), सैब्या न्यौपाने (27), जीका दहल (27) और पांच वर्षीय मासूम दित्या छेत्री के रूप में हुई है। यह परिवार पूर्वी सिक्किम के काबी लुंगचोक (लिंगडोक) का रहने वाला था और 5 जून को अस्पताल में भर्ती अपने रिश्तेदारों से मिलने सिलीगुड़ी जा रहा था।

    मलबे से मिला सुराग

    5 जून की शाम राम्बी इलाके के पास परिवार से आखिरी बार संपर्क हुआ था, जिसके बाद वे लापता हो गए। 6 जून को शिकायत दर्ज होने के बाद NDRF, SDRF, पश्चिम बंगाल पुलिस और स्थानीय बचाव दलों ने दार्जिलिंग के सांसद राजू बिस्टा और समाजसेवी विक्रम राय के सहयोग से बड़ा तलाशी अभियान शुरू किया।

    बाघपुल के पास भूस्खलन प्रभावित हिस्से से कार की बैटरी और बंपर मिलने के बाद खोजबीन का दायरा तीस्ता नदी की ओर बढ़ाया गया।

    नदी की गहराई से निकाले गए शव

    शनिवार शाम को भारी बारिश और तेज बहाव के बीच डूबी हुई कार का पता चला। रात के अंधेरे और खराब मौसम के कारण रेस्क्यू रोकना पड़ा, लेकिन रविवार सुबह तड़के दोबारा अभियान शुरू कर कार के भीतर से चारों शवों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। इस हादसे का मुख्य कारण भारी बारिश, भूस्खलन और NH-10 की जर्जर स्थिति को माना जा रहा है।

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    इस घटना से पूरा सिक्किम स्तब्ध है, क्योंकि हादसे का शिकार हुए तीनों वयस्क सरकारी कर्मचारी थे। स्मारिका एसटीएनएम अस्पताल में नर्सिंग लेक्चरर थीं, सैब्या संस्कृति विभाग में जूनियर इंजीनियर और जीका बागवानी विभाग में कार्यरत थीं।