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    कोरियन कल्चर का सपना दिखाकर दो छात्राओं की हो रही थी तस्करी, भूटान के रास्ते ले जाने वाले थे कोरिया

    Updated: Thu, 16 Jul 2026 06:55 PM (IST)

    सिलीगुड़ी में मानव तस्करों के चंगुल से मालदा की दो नाबालिग छात्राएं बचाई गईं, जिन्हें ऑनलाइन कोरियन भाषा सिखाकर भूटान के रास्ते दक्षिण कोरिया ले जाने ...और पढ़ें

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    HighLights

    1. मालदा की दो नाबालिग छात्राएं सिलीगुड़ी से बचाई गईं।

    2. ऑनलाइन कोरियन भाषा सिखाकर दक्षिण कोरिया ले जाने की योजना।

    3. तस्करों ने के-पॉप, के-ड्रामा का लालच दिया।

    जागरण संवाददाता, सिलीगुड़ी। मानव तस्करी की एक चौंकाने वाली घटना में बंगाल के मालदा जिले की दो नाबालिग छात्राओं को पुलिस ने सुरक्षित बरामद कर लिया। दोनों को दार्जिलिंग जिले के अधीन सिलीगुड़ी से बरामद किया गया। तस्करों की योजना इन मासूमों को भूटान होते हुए दक्षिण कोरिया ले जाने की थी।

    इसके लिए पिछले सात महीनों से उन्हें ऑनलाइन एप के जरिए कोरियन भाषा सिखाई जा रही थी। इस मामले ने डिजिटल दुनिया में मानव तस्करों के खतरनाक जाल को उजागर कर दिया है।

    पुलिस जांच के अनुसार, तस्कर अब पारंपरिक तरीकों की जगह आधुनिक डिजिटल हथियारों का इस्तेमाल कर रहे हैं। ऑनलाइन मल्टीप्लेयर गेम्स और अनाधिकृत विदेशी भाषा सीखने वाले ऐप्स उनके नए शिकार स्थल बन गए हैं।

    11 से 16 वर्ष की आयु वर्ग की नाबालिग लड़कियां इनके मुख्य टारगेट हैं। बातचीत की शुरुआत गेम की रणनीति साझा करने या भाषा सिखाने के बहाने से होती है, जो धीरे-धीरे भावनात्मक लगाव में बदल जाती है।

    मालदा की इन दोनों छात्राओं के मामले में तस्करों ने ‘के-पॉप’ और ‘के-ड्रामा’ के बढ़ते क्रेज का पूरा फायदा उठाया। लड़कियों को कोरियन पॉप संस्कृति के ग्रुप का हिस्सा बनाने का सपना दिखाया गया। कोरियन भाषा सीखने के लिए उन्हें एक एप के माध्यम से नियमित रूप से क्लासेस दी जा रही थीं।

    पुलिस को आशंका है कि राजधानी कोलकाता में बैठा गिरोह का एक सदस्य ही भाषा सिखाने वाला था। उसी ने स्कूल से भागने की योजना भी बनाई। उसने सुझाव दिया कि दोनों छात्राएं स्कूली यूनिफार्म में ही घर से निकलें ताकि किसी को शक न हो।

    मालदा से सिलीगुड़ी जाने वाली बस में सवार होकर दोनों छात्राएं निर्धारित योजना के अनुसार निकल पड़ीं। सिलीगुड़ी पहुंचकर उन्हें जयगांव ले जाना था, जहां गिरोह के अन्य सदस्य उन्हें सीमा पार कर भूटान पहुंचाते। भूटान से प्लेन के जरिए कोरिया ले जाने की योजना थी।

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    लड़कियां लापता हुईं तो पुलिस को दी सूचना

    जब लड़कियां स्कूल जाने की बजाय लापता हो गईं तो उनके परिवार ने तुरंत मालदा के इंग्लिश बाजार थाने में सूचना दी। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण किया। फुटेज में बस में सवार दोनों छात्राओं को पहचानने के बाद सिलीगुड़ी पुलिस से संपर्क किया गया।

    एनजेपी थाना पुलिस की टीम ने नौकाघाट मोड़ पर मालदा से आ रही बस को रोका और दोनों छात्राओं को सकुशल बरामद कर लिया। पुलिस अब पूरे गिरोह का पता लगाने और कोलकाता स्थित संदिग्ध व्यक्ति को पकड़ने में जुटी हुई है।