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    बंगाल चुनाव : छिटमहल के लोगों के लिए वरदान बना एसआईआर, मिला मताधिकार

    Updated: Tue, 14 Apr 2026 11:32 PM (GMT+05:30)

    पश्चिम बंगाल में एसआईआर प्रक्रिया के कारण छिटमहल के निवासियों को मतदाता सूची में शामिल किया गया है। भारत-बांग्लादेश सीमा पर स्थित इन क्षेत्रों के लोग, ...और पढ़ें

    छिटमहल के लोगों के लिए वरदान बना एसआईआर।

    छिटमहल के लोगों के लिए वरदान बना एसआईआर।

    HighLights

    1. एसआईआर प्रक्रिया से छिटमहल निवासियों को मिला मताधिकार।

    2. 2015 समझौते के बाद भारतीय नागरिकता प्राप्त हुई।

    3. कूचबिहार के हल्दीबाड़ी कैंप में उत्साह का माहौल।

    जागरण संवाददाता, जलपाईगुड़ी। एसआईआर की प्रक्रिया में सैकड़ों लोगों के नाम कटने से जहां एक ओर हंगामा मचा हुआ है, वहीं दूसरी ओर बांग्लादेश की सीमा से सटे छिटमहल क्षेत्र के लोग इस बात से प्रसन्न हैं कि एसआईआर के कारण उनका नाम मतदाता सूची में जुड़ सका। यहां के निवासी अब लंबे समय बाद लोकतंत्र के महापर्व में हिस्सा लेकर मतदान कर सकेंगे।

    दरअसल, छिटमहल ऐसे इलाके को कहते हैं, जो किसी देश का हिस्सा हो, लेकिन चारों ओर से पूरी तरह दूसरे देश से घिरा हो। यानी ये दूसरे देश के अंदर अपने देश का हिस्सा होते हैं। 1947 में हुए भारत के विभाजन और उससे पहले रियासतों के बंटवारे के फलस्वरूप भारत-बांग्लादेश सीमा पर ऐसे 162 छिटमहल बने।

    यहां रहने वाले लोगों के लिए नागरिकता, कानूनी पहचान और मताधिकार तथा सुविधाओं को लेकर दशकों से समस्या बनी हुई थी।

    2015 के समझौते में बांग्लादेश सीमा के 51 छिटमहल हुए थे भारत में शामिल भारत और बांग्लादेश के बीच सीमा विवाद खत्म करने के लिए 2015 में भारत-बांग्लादेश भूमि सीमा समझौता हुआ था। समझौते के बाद, कूच बिहार में स्थित बांग्लादेश के 7,110 एकड़ क्षेत्र में बसे 51 एन्क्लेव भारतीय क्षेत्र बन गए, जिससे वहां के लगभग 16,000 निवासियों को भारतीय नागरिकता प्राप्त हुई। अब इनकी संख्या 25 हजार से अधिक है।

    उत्तर बंगाल के कूचबिहार जिले में ये इलाके हैं। इसी तरह सीमा क्षेत्र के 111 छिटमहल भारत ने बांग्लादेश को दिए थे। इसके तहत इधर से 17,160 एकड़ भूमि और 111 छिटमहल में बसे 37 हजार लोग बांग्लादेश को दिए गए। समझौते के बाद इन लोगों का स्थान नहीं बदला, बल्कि नागरिकता बदल गई।

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    हल्दीबाड़ी कैंप के लोगों में उत्साह का माहौल

    कूचबिहार जिले के हल्दीबाड़ी कैंप में रह रहे लोगों में मतदान को लेकर उत्साह है। छिटमहल के लोगों को कूचबिहार के विभिन्न कैंपों में रखा गया है। इसी कैंप में सभी परिवारों के लिए अलग-अलग फ्लैट बनाए गए हैं। सरकार ने इन नए नागरिकों को राशन कार्ड, आधार कार्ड, जाति प्रमाणपत्र सहित सभी सरकारी दस्तावेज उपलब्ध करा दिए हैं।

    पुराने दस्तावेज में इनके पते में छिटमहल या बांग्लादेश लिखा होने के कारण भारत की मतदाता सूची में इनका नाम नहीं जुड़ पा रहा था। इनके पुराने दस्तावेज भी अमान्य हो गए थे। इस बार एसआईआर प्रक्रिया के दौरान इनके दस्तावेज में सुधार कर इनका नाम मतदाता सूची में जोड़ दिया गया।