यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 27, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
'CAA लागू होने से कोई रोक नहीं सकता', अमित शाह की ममता बनर्जी को चुनौती, बोले- जनता को गुमराह कर रहीं सीएम
Amit Shah on CAA बंगाल में अमित शाह ने सीएम ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए नागरिकता संशोधन कानून का जिक्र किया। उन्होंने दो-टूक लहजे में कहा कि कि न ...और पढ़ें

HighLights
- अमित शाह ने बंगाल में भाजपा नेताओं के साथ की बैठक
- ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली टीएमसी सीएए का विरोध कर रही
- सीएए के मुद्द पर ममता बनर्जी लोगों को गुमराह कर रहीं: अमित शाह
पीटीआई, कोलकाता। Amit Shah on CAA। आगामी लोकसभा चुनाव के लिए भाजपा ने कमर कस ली है। वहीं भाजपा ने बंगाल में 42 में 35 लोकसभा सीटें जीतने का लक्ष्य रखा है। केंद्रीय मंत्री अमित शाह और भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा सोमवार देर रात कोलकाता पहुंचे और मंगलवार को बंगाल भाजपा की कोर कमेटी के साथ बैठक की।

सीएए को लागू होने से कोई नहीं रोक सकता: अमित शाह
बंगाल में अमित शाह ने सीएम ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए नागरिकता संशोधन कानून का जिक्र किया। उन्होंने दो-टूक लहजे में कहा कि कि नागरिकता (संशोधन) कानून को लागू होने से कोई नहीं रोक सकता क्योंकि यह देश का कानून है। उन्होंने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर इस मुद्दे पर लोगों को गुमराह करने का आरोप लगाया।
बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर अमित शाह ने क्या कहा?
बंगाल में आयोजित भाजपा कार्यक्रम में कहा,"हमें अगले विधानसभा चुनाव के बाद पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार बनाने के लिए काम करना है। बंगाल में भाजपा सरकार का मतलब घुसपैठ, गाय तस्करी का अंत और सीएए के माध्यम से धार्मिक रूप से सताए गए लोगों को नागरिकता प्रदान करना होगा।"

अमित शाह ने सीएम ममता बनर्जी पर साधा निशाना
अमित शाह ने ममता बनर्जी को आड़े हाथों लेते हुए कहा,"कभी-कभी, वह लोगों, शरणार्थियों को गुमराह करने की कोशिश करतीं हैं कि क्या सीएए देश में लागू होगा या नहीं। मैं यह स्पष्ट रूप से कहना चाहता हूं कि सीएए देश का कानून है और कोई भी इसके कार्यान्वयन को रोक नहीं सकता है। यह यह हमारी पार्टी की प्रतिबद्धता है।"
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बता दें कि ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली टीएमसी सीएए का विरोध कर रही है, जिसे 2019 में संसद द्वारा पारित किया गया था। सीएए को लागू करने का वादा पिछले लोकसभा और विधानसभा चुनावों में भाजपा का प्रमुख चुनावी मुद्दा था।
क्या है सीएए का उद्देश्य?
सीएए का उद्देश्य पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान के हिंदू, सिख, जैन, बौद्ध, पारसी और ईसाइयों जैसे उत्पीड़ित अल्पसंख्यकों को भारतीय नागरिकता देना है, जो 31 दिसंबर 2014 को या उससे पहले भारत में आए थे।