तालाब में रहने को मजबूर इकबाल को कौन सी है बीमारी? अनंत अंबानी ने मुंबई बुलाकर शुरू कराया इलाज
दुर्लभ त्वचा रोग से पीड़ित इकबाल, जो पांच साल से तालाब में रहने को मजबूर था, अब अनंत अंबानी की पहल पर मुंबई में विशेष इलाज करा रहा है।

दुर्लभ त्वचा रोग से पीड़ित इकबाल को अनंत अंबानी ने दी नई उम्मीद

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
राज्य ब्यूरो, कोलकाता। बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के बेलडांगा निवासी 17 वर्षीय इकबाल की जिंदगी में अब उम्मीद की नई किरण जगी है।
दुर्लभ त्वचा संबंधी बीमारी के कारण करीब पांच वर्षों से तालाब के पानी में घंटों-घंटों रहने को मजबूर इस किशोर को रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के कार्यकारी निदेशक अनंत अंबानी की पहल पर हाल में विशेष इलाज के लिए मुंबई एयरलिफ्ट किया गया है।
उसे मुंबई के सर एचएन रिलायंस फाउंडेशन अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में उसकी चिकित्सकीय जांच और उपचार शुरू किया गया है।
पानी से बाहर आते ही होती है तेज जलन
इकबाल की कहानी इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित एक वीडियो के बाद सामने आई थी। वीडियो में वह तालाब में बैठकर नाश्ता करते हुए दिखाई दे रहा था। स्थानीय लोगों के अनुसार, वह सुबह से देर रात तक तालाब में रहता था और कई बार एक तालाब से दूसरे तालाब तक चला जाता था।
इकबाल का कहना था कि पानी से बाहर निकलते ही उसके पूरे शरीर में तेज जलन होने लगती है। इसी वजह से वह लंबे समय तक पानी में रहने लगा। उसने यह भी बताया था कि उसे कई बार ऐसा महसूस होता था, जैसे कोई अलौकिक शक्ति उसे अपने कब्जे में ले रही हो।
इकबाल के स्वजनों के अनुसार, वे पहले भी उसे कई अस्पतालों में ले गए थे, लेकिन बीमारी में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण लंबे समय तक इलाज का खर्च उठाना भी उनके लिए मुश्किल था। इसी बीच उसकी कहानी इंटरनेट मीडिया पर तेजी से प्रसारित हुई और मामला चिकित्सकों के संज्ञान में आया।
अनंत अंबानी की पहल पर मुंबई पहुंचा इकबाल
इकबाल की स्थिति की जानकारी मिलने के बाद अनंत अंबानी ने उसके इलाज में मदद की पहल की। उनकी ओर से की गई व्यवस्था के तहत किशोर को एयरलिफ्ट कर मुंबई ले जाया गया और सर एचएन रिलायंस फाउंडेशन अस्पताल में भर्ती कराया गया।
यहां उसकी बीमारी की वास्तविक वजह का पता लगाने के लिए आवश्यक जांच की जा रही है और विशेषज्ञ चिकित्सकों की देखरेख में आगे का उपचार तय किया जाएगा।
यह कहना है चर्म रोग विशेषज्ञों का
चर्म रोग विशेषज्ञों के अनुसार, लंबे समय तक पानी में रहने से त्वचा की प्राकृतिक सुरक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। लगातार नमी के कारण त्वचा नरम और कमजोर होने के साथ उसमें दरार, खुजली तथा संक्रमण की आशंका बढ़ सकती है। फंगल और जीवाणु संक्रमण का खतरा भी बढ़ जाता है।
चिकित्सकों का कहना है कि इकबाल की समस्या का सही कारण विस्तृत चिकित्सकीय जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। फिलहाल मुंबई के विशेषज्ञ अस्पताल में उसका उपचार शुरू होना उसके परिवार के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है। करीब पांच वर्ष तक तालाब के पानी में जिंदगी गुजारने को मजबूर रहे इकबाल के लिए अब सामान्य जीवन की ओर लौटने की उम्मीद जगी है।
