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'ये कोई कमजोर सरकार नहीं', बाबरी मस्जिद निर्माण को लेकर सीएम शुभेंदु अधिकारी का हुमायूं को सख्त संदेश

Published: Thu, 05 Nov 2026 12:11 PM (IST)

शुभेंदु अधिकारी ने मुर्शिदाबाद में प्रस्तावित बाबरी मस्जिद के निर्माण को 'बाबर' नाम से मंजूरी न देने की बात कही ...और पढ़ें

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HighLights

  1. बाबर के नाम पर मस्जिद निर्माण को नहीं मिलेगी सरकारी मंजूरी।

  2. शुभेंदु अधिकारी ने NH जाम करने वालों को कड़ी चेतावनी दी।

  3. मस्जिद का नाम स्थानीय महापुरुषों के नाम पर रखने का सुझाव।

राज्य ब्यूरो, कोलकाता। बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले के बेलडांगा में प्रस्तावित बाबरी मस्जिद के निर्माण को लेकर बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने स्पष्ट कर दिया है कि मस्जिद के नाम से 'बाबर' शब्द नहीं हटाया गया तो निर्माण के नक्शे को सरकारी मंजूरी नहीं मिलेगी।

हालांकि, उन्होंने कहा कि सरकार किसी को भी अपनी जमीन पर धार्मिक स्थल बनाने से नहीं रोकना चाहती, लेकिन ऐतिहासिक लुटेरे के नाम पर मस्जिद बनाने की किसी कीमत पर अनुमति नहीं दी जाएगी।

एनएच जाम करने वालों को चेतावनी

इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने छह दिसंबर को मुर्शिदाबाद में राष्ट्रीय राजमार्ग जाम करने की धमकी देने वाले आम जनता उन्नयन पार्टी (एजेयूपी) के प्रमुख व विधायक हुमायूं कबीर को भी कड़े शब्दों में चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि किसी को भी सड़क जाम कर आम लोगों का जनजीवन बाधित करने का अधिकार नहीं है। ऐसा करने पर प्रशासन कानून के अनुसार कार्रवाई करेगा।

डीएम को कड़ी कार्रवाई के निर्देश

सीएम ने कहा कि यह कोई कमजोर सरकार नहीं है और सरकार को पता है कि ऐसी स्थिति से कैसे निपटना है। उन्होंने जिलाधिकारी को इस मामले में कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए। दरअसल, बंगाल में विधानसभा चुनाव से कुछ माह पहले पिछले साल छह दिसंबर को मुर्शिदाबाद जिले के बेलडांगा में बाबरी मस्जिद की नींव रखने वाले हुमायूं कबीर ने दो दिन पहले घोषणा की है कि आगामी छह दिसंबर को रेजीनगर में प्रस्तावित मस्जिद के निर्माण स्थल पर बड़ी सभा होगी और उसी दिन निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।

2028 तक मस्जिद निर्माण का लक्ष्य

उन्होंने छह दिसंबर 2028 तक मस्जिद का निर्माण पूरा करने का लक्ष्य भी रखा है। उन्होंने प्रशासन को चुनौती देते हुए दावा किया था कि उस दिन रेजीनगर से बहरमपुर तक करीब 30 किलोमीटर का इलाका (राष्ट्रीय राजमार्ग) उनके समर्थकों के नियंत्रण में रहेगा।

सड़क जाम करने का अधिकार नहीं

इस पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी को भी सड़क जाम करने का अधिकार नहीं है। उन्होंने पूर्व मंत्री सिद्दीकुल्ला चौधरी के पूर्व में एक करोड़ लोगों के साथ सड़क पर उतरने के बयान का भी उल्लेख किया और कहा कि उसका परिणाम सभी ने देखा है। हुमायूं कबीर को भी चेतावनी देते हुए उन्होंने कहा कि छह दिसंबर आने दीजिए, इस तरह की गतिविधियों से निपटने के लिए सरकार आवश्यक कदम उठाएगी।

बाबर के बजाय स्थानीय महापुरुषों के नाम पर रखने की सलाह

मुख्यमंत्री ने कहा कि संविधान प्रत्येक नागरिक को अपनी जमीन पर धार्मिक स्थल बनाने का अधिकार देता है। उन्होंने कहा कि किसी को नमाज पढ़ने या मस्जिद बनाने से कोई आपत्ति नहीं है। कोई चाहे तो अपनी जमीन पर 100 मस्जिदें बनाए, लेकिन बाबर के नाम पर निर्माण की अनुमति नहीं दी जाएगी।

उन्होंने दावा किया कि प्रस्तावित निर्माण के लिए फिलहाल आवश्यक प्रशासनिक अनुमति, नक्शे की मंजूरी और अन्य वैध दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं।

बाबर के नाम पर जताई आपत्ति

शुभेंदु ने कहा कि यदि मस्जिद के नाम से बाबर शब्द हटा दिया जाता है तो जमीन के रिकार्ड सही होने पर म्यूटेशन, भूमि रूपांतरण और नक्शे की मंजूरी जैसी प्रक्रियाएं तेजी से पूरी कराई जा सकती हैं। बाबर के नाम पर आपत्ति जताते हुए मुख्यमंत्री ने उसे भारत का नहीं, बल्कि विदेशी आक्रमणकारी और लुटेरा बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि मुगल और पठान शासकों ने भारत में लूटपाट की और मंदिरों को नुकसान पहुंचाया।


मुख्यमंत्री ने मस्जिद का नाम मुर्शिदाबाद या बंगाल की किसी प्रतिष्ठित हस्ती के नाम पर रखने का सुझाव भी दिया। उन्होंने पूर्व मंत्री अब्दुस सत्तार, नुरुल इस्लाम चौधरी और हबीबुर रहमान सहित कई स्थानीय प्रतिष्ठित व्यक्तियों का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके नाम पर मस्जिद बनाने में सरकार को कोई आपत्ति नहीं होगी।

साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना आवश्यक अनुमति के निर्माण कार्य जारी रखने पर संबंधित लोगों को कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।

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