भूटान के जहरीले पानी ने छीना निवाला, संकोश और घोलानी नदी में हजारों मछलियों की मौत; सैकड़ों मछुआरे बेरोजगार
भूटान से आए प्रदूषित पानी के कारण संकोश और घोलानी नदियों में बड़े पैमाने पर मछलियों की मौत हो गई ...और पढ़ें

जहरीले पानी से संकोश नदी में हजारों मछलियों की मौत

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जागरण संवाददाता, अलीपुरद्वार। पड़ोसी देश भूटान से आए प्रदूषित पानी के कारण संकोश और घोलानी नदियों में बड़े पैमाने पर मछलियों की मौत से बंगाल के अलीपुरद्वार और कूचबिहार जिले के सैकड़ों मछुआरा परिवारों की रोजी-रोटी छिन गई है।
इनकी स्थिति को देखते हुए राज्य के वन एवं पर्यावरण मंत्री मनोज कुमार ओरांव ने मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी को पत्र लिखकर तत्काल सरकारी सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।
साथ ही नदियों में पर्याप्त संख्या में मछलियां छोड़ने का अनुरोध किया है, ताकि जलीय जीवन और मछुआरों का रोजगार दोबारा पटरी पर लौट सके।
गौरतलब है कि गत 30 अक्टूबर की रात भूटान की शिनताफू हिमनद झील फटने से प्रदूषित पानी संकोश समेत आसपास की नदियों में पहुंचा था। इसके बाद नदियों में बड़ी संख्या में मछलियां मृत अवस्था में बहती मिली थीं। पानी का रंग काला पड़ गया था।
करीब एक सप्ताह बीतने के बावजूद संकोश नदी की स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं हुई है। जलस्तर में कुछ कमी आई है, लेकिन पानी अब भी काफी मटमैला बना हुआ है।
कुमारग्राम ब्लाक के संकोश वनबस्ती से तूफानगंज-दो ब्लाक के बालाभूतकुठी तक लगभग 45 किलोमीटर नदी किनारे रहने वाले अनेक मछुआरा परिवार इस संकट से प्रभावित हैं। न
दी में मछलियां नहीं मिलने से मछुआरे खाली हाथ लौट रहे हैं। कई परिवारों को घर चलाने के लिए जलावन की लकड़ियां बेचनी पड़ रही हैं। मछुआरों की मांग है कि सरकार जल्द नदियों में पर्याप्त मछलियां छोड़े और प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान करे।