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    कोलकाता में जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्रों की होगी दोबारा जांच, SIR के दौरान जारी दस्तावेज रडार पर

    Updated: Sat, 23 May 2026 10:25 PM (IST)

    कोलकाता में मतदाता सूची के विशेष सघन पुनरीक्षण (एसआइआर) के दौरान जारी जन्म व मृत्यु प्रमाणपत्रों की दोबारा जांच की तैयारी चल रही है। प्रशासनिक सूत्रों ...और पढ़ें

    कोलकाता में जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्रों की होगी दोबारा जांच (फाइल फोटो)

    कोलकाता में जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्रों की होगी दोबारा जांच (फाइल फोटो)

    HighLights

    1. कोलकाता में जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्रों की दोबारा जांच शुरू होगी।

    2. एसआइआर के दौरान जारी प्रमाणपत्रों में त्रुटियों की पड़ताल।

    3. वोटर सूची संशोधन में प्रयुक्त दस्तावेजों पर विशेष ध्यान।

    राज्य ब्यूरो, कोलकाता। बृहत्तर कोलकाता में मतदाता सूची के विशेष सघन पुनरीक्षण (एसआइआर) के दौरान जारी किए गए जन्म व मृत्यु प्रमाणपत्रों की दोबारा जांच की तैयारी शुरू हो गई है। प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, कोलकाता नगर निगम की ओर से उस अवधि में जारी किए गए प्रमाणपत्रों में किसी प्रकार की तथ्यगत गलती, असंगति या अन्य गड़बड़ी है या नहीं, इसकी पड़ताल की जाएगी।

    राज्य में राजनीतिक सत्ता परिवर्तन के बाद मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार प्रशासनिक स्तर पर पूर्ववर्ती ममता सरकार फैसलों और दस्तावेजों की समीक्षा कर रही है। इसी क्रम में अब कोलकाता नगर निगम द्वारा जारी जन्म व मृत्यु प्रमाणपत्र भी जांच के दायरे में आ गए हैं।

    हालांकि दिसंबर तक कोलकाता नगर निगम में तृणमूल कांग्रेस संचालित बोर्ड का कार्यकाल बाकी है, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में निगम के कई पुराने निर्णयों को लेकर शासक दल के भीतर असहजता बढ़ी है।

    सूत्रों का दावा है कि एसआइआर प्रक्रिया के दौरान पिछले वर्ष नवंबर और दिसंबर में जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्रों के लिए बड़ी संख्या में आवेदन जमा हुए थे। आरोप है कि उस समय तेजी से प्रमाणपत्र जारी किए गए थे।

    ममता ने आवेदकों को जल्द प्रमाणपत्र उपलब्ध कराने के दिए थे निर्देश

    प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक, तत्कालीन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कोलकाता के मेयर फिरहाद हकीम को आवेदकों को जल्द प्रमाणपत्र उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे। इसी वजह से जल्दबाजी में जारी किए गए कुछ प्रमाणपत्रों में त्रुटियां होने की आशंका जताई जा रही है।

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    अब कोलकाता नगर निगम का स्वास्थ्य विभाग विशेष रूप से उन दस्तावेजों की जांच करना चाहता है, जिनका उपयोग वोटर सूची संशोधन के दौरान किया गया था। उल्लेखनीय है कि बंगाल के विभिन्न नगर निकायों और पंचायत क्षेत्रों में जन्म और मृत्यु पंजीकरण के लिए वर्ष 2021 में स्वास्थ्य विभाग की ओर से एक केंद्रीय डिजिटल पोर्टल शुरू किया गया था। इसी पोर्टल के माध्यम से जानकारी अपलोड कर डिजिटल प्रमाणपत्र जारी किए जाते हैं।

    पुराने रिकार्ड से जुड़ी सेवाएं अस्थायी रूप से रोकी गईं

    लेकिन पोर्टल की कई सेवाएं आंशिक रूप से बंद कर दी गई हैं। फिलहाल केवल नए जन्म और मृत्यु मामलों का पंजीकरण हो पा रहा है तथा उन्हीं आवेदकों को डिजिटल प्रमाणपत्र मिल रहे हैं। पुराने जन्म या मृत्यु के रिकार्ड का नया पंजीकरण, पुराने मामलों के डिजिटल प्रमाणपत्र तैयार करना तथा खोए हुए प्रमाणपत्रों की डुप्लिकेट प्रति प्राप्त करने जैसी सेवाएं फिलहाल बंद कर दी गई हैं

    । आरोप है कि पोर्टल से संबंधित विकल्प भी हटा दिए गए हैं। प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि एसआइआर के दौरान जारी सभी जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्रों के पुन: सत्यापन के फैसले के कारण ही पुराने रिकार्ड से जुड़ी सेवाएं अस्थायी रूप से रोकी गई हैं। हालांकि स्वास्थ्य विभाग या कोलकाता नगर निगम की ओर से अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

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