'वोकल फार लोकल' अपनाएं, मिट्टी के दीए जलाने की परंपरा को दें बढ़ावा; कालीपूजा पर सीएम शुभेंदु की अपील
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कालीपूजा व दिवाली पर 'वोकल फॉर लोकल' अभियान को बढ़ावा देने और मिट्टी के दीयों का उपयोग करने की अपील की।
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बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी(फाइल फोटो)

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राज्य ब्यूरो, कोलकाता। बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कालीपूजा व दिवाली के अवसर पर लोगों से 'वोकल फार लोकल' अभियान को बढ़ावा देने और मिट्टी के दीयों की परंपरा को फिर से अपनाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि आधुनिक बिजली की झालरों और सजावटी रोशनी के साथ मिट्टी के दीयों का इस्तेमाल भी किया जाना चाहिए।
इससे न केवल बंगाल की सांस्कृतिक विरासत और परंपरा संरक्षित होगी, बल्कि स्थानीय कुम्हारों को भी आर्थिक लाभ मिलेगा। शुक्रवार व शनिवार को कोलकाता और आसपास के जिलों में कई कालीपूजा पंडालों का उद्घाटन करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आधुनिक रोशनी का इस्तेमाल करने में कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन अपनी पारंपरिक संस्कृति को भूलना भी उचित नहीं है।
कोलकाता के अम्हर्स्ट स्ट्रीट में एक कालीपूजा के उद्घाटन के दौरान उन्होंने कहा कि मिट्टी के दीयों की परंपरा को फिर से लौटाने की जरूरत है। लोगों को स्थानीय कुम्हारों के बनाए दीये भी खरीदने चाहिए।
पर्यावरण संरक्षण और पारंपरिक उत्सवों पर जोर
मुख्यमंत्री ने कालीपूजा के दौरान पटाखों से होने वाले वायु और ध्वनि प्रदूषण पर भी चिंता जताई। उन्होंने लोगों से पर्यावरण अनुकूल पटाखों का इस्तेमाल करने की अपील की।
उन्होंने कहा कि पहले कालीपूजा के दौरान श्यामापोका (एक प्रकार का कीट) दिखाई देते थे, लेकिन अब उनकी संख्या कम होती जा रही है। इसके लिए उन्होंने पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने और आधुनिकता की दौड़ में परंपराओं को भुलाने को जिम्मेदार ठहराया।