Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 15, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Bengal: कम्युनिस्ट विचारधारा के होने के बावजूद पूजा-पाठ करते हैं माकपा के अधिकांश नेता, रिपोर्ट में सामने आई यह बात

    By Jagran NewsEdited By: Anurag Gupta
    Updated: Sun, 15 Oct 2023 07:43 PM (GMT+05:30)

    माकपा की बंगाल इकाई की एरिया कमेटी के अधिकांश नेता पूजा-पाठ करते हैं। कुछ पारिवारिक व सामाजिक कारणों से करते हैं तो कुछ आस्था की वजह से। एरिया कमेटी क ...और पढ़ें

    बंगाल में माकपा का 'शुद्धिकरण' अभियान (फाइल फोटो)
    बंगाल में माकपा का 'शुद्धिकरण' अभियान (फाइल फोटो)

    HighLights

    1. माकपा के 'शुद्धिकरण' अभियान में सामने आया है यह तथ्य
    2. पारिवारिक व सामाजिक दबाव में उन्हें यह करना पड़ता है: नेताओं की दलील

    राज्य ब्यूरो, कोलकाता। माकपा की बंगाल इकाई की एरिया कमेटी के अधिकांश नेता पूजा-पाठ करते हैं। कुछ पारिवारिक व सामाजिक कारणों से करते हैं तो कुछ आस्था की वजह से। एरिया कमेटी की ओर से पार्टी के जिला नेतृत्व को सौंपी गई रिपोर्ट में इसका उल्लेख किया गया है। तीन से पांच नवंबर तक हावड़ा में होने वाली माकपा की राज्य कमेटी के वद्र्धित अधिवेशन में इस रिपोर्ट पर चर्चा की जाएगी। माकपा के राज्य नेतृत्व की ओर से इस बाबत रिपोर्ट मांगी गई थी।

    माकपा का शुद्धिकरण अभियान

    उल्लेखनीय है कि यह माकपा की ओर से चलाए जा रहे 'शुद्धिकरण' अभियान का हिस्सा है। पार्टी की केंद्रीय कमेटी की ओर से राज्य नेतृत्व को एक प्रश्नमाला भेजी गई थी, जिसका पार्टी नेताओं को जवाब देने को कहा गया था। इसमें एक प्रश्न था- क्या आप धार्मिक आचरण अथवा पूजा-पाठ करते हैं? इसके जवाब में एरिया कमेटी के अधिकांश नेताओं ने कहा कि पारिवारिक व सामाजिक दबाव में उन्हें यह करना पड़ता है।

    यह भी पढ़ें: बंगाल में भाजपा को रोकने के लिए तृणमूल को हराना जरूरी - माकपा

    वहीं, पार्टी के अल्पसंख्यक नेताओं ने तर्क दिया कि वे अगर शुक्रवार की नमाज में शामिल नहीं होंगे तो अपने समुदाय से अलग-थलग हो जाएंगे। उल्लेखनीय है कि कम्युनिस्ट विचारधारा में ईश्वर में आस्था व पूजा-पाठ शामिल नहीं है।

    पहले हो चुका है काफी विवाद

    अतीत में दिवंगत माकपा नेता और राज्य के पूर्व खेल व परिवहन मंत्री सुभाष चक्रवर्ती ने तारापीठ मंदिर जाकर पूजा की थी, जिसे लेकर पार्टी में काफी विवाद हुआ था। पूर्व माकपा नेता रेज्जाक मोल्ला के हज यात्रा पर जाने को लेकर भी पार्टी में बवाल मच चुका है।

    यह भी पढ़ें: ममता को राहुल- खरगे ने किया फोन, चार- पांच नवंबर को हो सकती है I.N.D.I.A गठबंधन की अगली बैठक

    इस मुद्दे पर माकपा की केंद्रीय कमेटी के सदस्य सुजन चक्रवर्ती ने कहा,

    मैं व्यक्तिगत तौर पर किसी तरह का धार्मिक आचरण नहीं करता और आगे भी नहीं करूंगा, लेकिन पार्टी में शामिल जो लोग करते हैं, मैं उन्हें टेढ़ी नजर से भी नहीं देखता। पार्टी का भी उन लोगों के प्रति सख्त नजरिया नहीं है।

    खबरें और भी