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'गिरफ्तार करना है तो कर लो', ममता की बंगाल सरकार को चेतावनी; भाजपा पर पार्टी तोड़ने का लगाया आरोप

Published: Tue, 02 Jun 2026 11:52 AM (IST)

ममता बनर्जी ने अभिषेक बनर्जी पर हमले के विरोध में 2 जून को प्रस्तावित धरने के लिए पुलिस की अनुमति न मिलने पर भाजपा को चुनौती दी है।

टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी। (फोटो- पीटीआई)

टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी। (फोटो- पीटीआई)

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। तृणमूल कांग्रेस सांसद अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले के विरोध में धरना प्रदर्शन को लेकर अड़ीं पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भाजपा पर आरोप लगाया कि भगवा पार्टी टीएमसी को तोड़ने की कोशिश कर रही है।

पुलिस ने टीएमसी को 2 जून को रानी राशमोनी एवेन्यू पर धरने की अनुमति देने से मना कर दिया था। ममता बनर्जी ने इसको लेकर सोमवार को भगवा पार्टी को चुनौती दी कि अगर वे चाहें तो उन्हें गिरफ्तार कर लें।

'जहां रोका जाएगा, वहीं बैठ जाऊंगी'

फेसबुक पर पोस्ट किए गए वीडियो में ममता बनर्जी ने कहा, “तृणमूल 2 जून को बिना पुलिस की इजाजत, बिना माइक या स्टेज के भी विरोध प्रदर्शन करेगी। अगर वे हमें कोलकाता में प्रदर्शन नहीं करने देंगे तो हम दिल्ली में प्रदर्शन करेंगे।” टीएमसी प्रमुख ने कहा कि अगर उन्हें धरना देने की इजाजत नहीं मिली तो वह जहां भी रोका जाएगा, वहीं बैठ जाएंगी।”

उन्होंने आगे कहा, “मैं गिरफ्तार होने के लिए तैयार हूं।” ममता ने इस बात पर जोर दिया कि 10,000 टीएमसी कार्यकर्ताओं को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। उन्होंने कहा, “पुलिस एक राजनीतिक पार्टी को तोड़ने की कोशिश कर रही है। अगर आप मुझे यहां लोकतांत्रिक तरीके से विरोध प्रदर्शन नहीं करने देंगे तो मैं दिल्ली जाऊंगी। हमारी इंडी गठबंधन की बैठक भी है।”

उन्होंने आगे कहा, “आपने बंगाल को निशाना बनाया और SIR तथा तार्किक विसंगतियों के जरिए हमें हरवा दिया। 177 सीटों पर चुनाव में धांधली हुई और मशीनों को हैक किया गया। मैं खुद इसकी भुक्तभोगी हूं। जब मैं 13,000 वोटों से जीत रही थी तब मुझे मतगणना केंद्र से जबरदस्ती बाहर निकाल दिया गया।”

ममता ने बीजेपी पर लगाया आरोप

बनर्जी ने आरोप लगाया कि टीएमसी को तोड़ने के लिए वे कुछ लोगों को पैसे दे रहे हैं और दूसरों को ईडी और सीबीआई गिरफ्तारी और उनके बच्चों को हिरासत में लेने की धमकी दे रहे हैं।

उन्होंने कहा, "लोग डर के मारे बोल नहीं पा रहे हैं और उन्हें पार्टी तोड़ने के लिए मजबूर किया जा रहा है। बीजेपी के कई नेता मुझसे संपर्क में रहते थे। मैं हर मुश्किल घड़ी में उनके साथ खड़ी रही हूं। लेकिन आज आप लोग झूठ बोल रहे हैं।"

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस का काम रक्षक बनना है और यह दावा किया कि पुलिसकर्मी नगर पालिकाओं में जाकर प्रतिनिधियों से इस्तीफा देने के लिए कह रहे थे।

उन्होंने कहा, “मैं उन्हें पूरी तरह से दोष नहीं दे रही हूं। हमने अपने कार्यकाल के दौरान ऐसा कभी नहीं किया। अभिषेक पर हमले से पहले उनकी सारी सुरक्षा हटा ली गई थी। मेरी सुरक्षा भी हटा ली गई थी। उन्होंने उन सभी नेताओं की सुरक्षा हटा दी है जिन्हें खतरा है।”

'हम कोर्ट में लड़ेंगे'

बनर्जी ने आगे कहा, “कलकत्ता हाई कोर्ट 7 जून को फिर से खुलेगा और हम फिर से लड़ेंगे। मैं पहले भी एक केस लड़ने के लिए कोर्ट जा चुकी हूं। हम सभी दस्तावेज इकट्ठा कर रहे हैं और कानूनी तौर पर सबकी मदद कर रहे हैं। हाई कोर्ट ने आदेश दिया था कि जिन लोगों को बेघर किया गया है, उन्हें उनके घर वापस भेजा जाए, लेकिन पुलिस इस आदेश का पालन नहीं कर रही है। हमारे कार्यकर्ताओं को पीटा जा रहा है, जबकि पुलिस मूकदर्शक बनी खड़ी है।”

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