बंगाल में ‘कश्मीर मांगे आजादी’ नारे पर होगी गिरफ्तारी, सीएम शुभेंदु बोले- फलस्तीनी झंडे भी नहीं चलेंगे
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने 'कश्मीर मांगे आजादी' जैसे अलगाववादी नारों और जुलूसों में फलस्तीनी झंडे के इस्तेमाल पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है।

बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी।
HighLights
'कश्मीर मांगे आजादी' नारों पर होगी गिरफ्तारी।
जुलूसों में फलस्तीनी झंडे के इस्तेमाल पर रोक।
देश की एकता से समझौता नहीं, बोले शुभेंदु अधिकारी।
राज्य ब्यूरो, कोलकाता। बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने गुरुवार को अलगाववादी नारों को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि ‘कश्मीर मांगे आजादी’ जैसे नारे लगाने वालों के खिलाफ मामला दर्ज कर गिरफ्तारी की जाएगी।
राज्य में जुलूसों के दौरान फलस्तीन झंडे के इस्तेमाल की भी अनुमति नहीं देने की बात कही। स्पष्ट किया कि सरकार के खिलाफ राजनीतिक विरोध और आलोचना पर कोई रोक नहीं है, लेकिन देश की एकता और राज्य के हितों से समझौता नहीं किया जाएगा।
आजादी जैसे नारों पर सरकार की सख्ती
एक निजी बांग्ला समाचार चैनल के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि लोग उनके या भाजपा सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर सकते हैं। सरकार या उसके किसी संगठन ने गलत किया है तो उसके खिलाफ आवाज उठाने की भी स्वतंत्रता है।
उदाहरण देते हुए सीएम शुभेंदु ने कहा कि ‘इंकलाब जिंदाबाद’ जैसे राजनीतिक नारे लगाए जा सकते हैं। लेकिन ‘आजादी’ या ‘कश्मीर मांगे आजादी’ जैसे नारे स्वीकार नहीं किए जाएंगे और ऐसा करने वालों पर कानूनी कार्रवाई होगी। विश्वविद्यालय की दीवारों पर दिवंगत माओवादी नेता किशनजी के समर्थन में लिखे गए नारों का भी विरोध किया। ‘लाल सलाम’ जैसे नारों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
फलस्तीनी झंडे पर सवाल
शुभेंदु ने कहा कि सरकार धार्मिक आस्थाओं में हस्तक्षेप नहीं करना चाहती। लोग धार्मिक झंडे लेकर जुलूस निकाल सकते हैं। लेकिन जुलूसों में फलस्तीन का झंडा क्यों ले जाया जाए और इसके पीछे उद्देश्य क्या है। राज्य में ऐसी गतिविधियों की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने बुधवार को एक इस्लामिक जुलूस से फलस्तीनी झंडे बरामद होने का उल्लेख करते हुए कहा कि मामले में गिरफ्तारियां भी हुई हैं।
