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बंगाल: तारापीठ अग्निकांड के बाद बड़ा एक्शन, सुरक्षा में खामी पर 15 होटल-लॉज बंद करने के निर्देश

Updated: Tue, 18 Aug 2026 11:13 PM (GMT+05:30)

तारापीठ अग्निकांड में नौ श्रद्धालुओं की मौत के बाद जिला प्रशासन ने सुरक्षा मानकों में खामी पाए जाने पर 15 होटल और लॉज बंद करने का निर्देश दिया है।

तारापीठ अग्निकांड के बाद एक्शन में प्रशासन

तारापीठ अग्निकांड के बाद एक्शन में प्रशासन

HighLights

  1. तारापीठ अग्निकांड में नौ श्रद्धालुओं की मृत्यु हुई।

  2. सुरक्षा खामियों पर 15 होटल-लॉज बंद करने का निर्देश।

  3. होटलों की जांच के लिए पांच टीमें गठित की गईं।

राज्य ब्यूरो, कोलकाता। तारापीठ के होटल में भीषण अग्निकांड में नौ श्रद्धालुओं की मौत के बाद जिला प्रशासन ने होटल और लाज की सुरक्षा व्यवस्था के खिलाफ कड़ा कदम उठाया है। सुरक्षा मानकों में खामियां पाए जाने के आरोप में तारापीठ के 15 होटल और लाज बंद करने का निर्देश दिया गया है।

रामपुरहाट के एसडीओ राठौड़ अश्विन बाबूसिंह ने बताया कि होटल संचालकों को सभी सरकारी सुरक्षा नियमों का पालन करना होगा। किसी भी स्तर पर सुरक्षा से समझौता नहीं किया जाएगा।

मंगलवार को श्रद्धालुओं और होटल की सुरक्षा को लेकर जिला स्तर पर बैठक हुई। इसके बाद होटलों की जांच के लिए पांच टीमें गठित की गई हैं। इनमें दमकल, बिजली विभाग, लोक निर्माण विभाग और पुलिस के अधिकारी-कर्मी शामिल होंगे।

टीमें होटल-होटल जाकर सुरक्षा व्यवस्था की जांच करेंगी और यह काम अगले 10 दिनों में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। प्रशासन के अनुसार, सुरक्षा संबंधी खामियों को लेकर पहले भी कई होटल संचालकों को नोटिस दिया गया था, लेकिन उन्होंने अपेक्षित सहयोग नहीं किया।

अब 15 और होटल-लाज को नोटिस देकर बंद करने का निर्देश दिया गया है। प्रशासन यह भी सुनिश्चित करेगा कि कौशिकी अमावस्या से पहले होटल के कर्मचारियों और प्रबंधकों के लिए अग्निशमन विभाग की ओर से माक ड्रिल और प्रशिक्षण कराया जाए, ताकि आग लगने की स्थिति में शुरुआती बचाव उपाय किए जा सकें।

बता दें कि सोमवार तड़के हुए अग्निकांड में होटल बिदेशिनी में नौ लोगों की मृत्यु हुई थी। इसके बाद होटल की अग्निसुरक्षा व्यवस्था और सुरक्षा नियमों के पालन को लेकर सवाल उठे थे।