'हम उम्मीदवार नहीं उतारेंगे...'; नंदीग्राम उपचुनाव में TMC के बागी गुट का ममता बनर्जी को ऑफर
पश्चिम बंगाल में टीएमसी के बागी गुट ने ममता बनर्जी को नंदीग्राम उपचुनाव लड़ने का प्रस्ताव दिया है। बागी नेताओं ...और पढ़ें

ऋतब्रत बनर्जी का ममता बनर्जी को ऑफर।
HighLights
टीएमसी बागी गुट ने ममता बनर्जी को नंदीग्राम उपचुनाव लड़ने का प्रस्ताव दिया।
बागी नेताओं ने कहा, ममता लड़ें तो उनके खिलाफ उम्मीदवार नहीं उतारेंगे।
शुभेंदु अधिकारी द्वारा सीट छोड़ने के बाद नंदीग्राम में उपचुनाव हो रहा।
डिजिटल डेस्क, कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजनीति में एक बार फिर सियासी गर्माहट तेज है। आरोप-प्रत्यारोप भी सातवें आसमान पर है। ऐसे में अब तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बागी गुट ने पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी को एक बड़ा प्रस्ताव दिया है।
बागी नेताओं का कहना है कि अगर ममता बनर्जी नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव लड़ने का फैसला करती हैं, तो वे उनके खिलाफ अपना कोई उम्मीदवार नहीं उतारेंगे। बता दें कि नंदीग्राम सीट पर 6 अक्टूबर को विधानसभा उपचुनाव होना है।
समझिए क्यों हो रहा है उपचुनाव?
नियमानुसार, मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी द्वारा इस सीट को छोड़ने के बाद यह उपचुनाव जरूरी हो गया था। ऐसे में अब टीएमसी के बागी नेताओं ने ममता बनर्जी को ऑफर दिया है कि वे नंदीग्राम से चुनाव लड़कर आसानी से विधानसभा पहुंच सकती हैं।
हम चाहते हैं कि ममता बनर्जी विधानसभा आएं- ऋतब्रत
बागी गुट के नेता ऋतब्रत बनर्जी ने दिल्ली में एक बयान देते हुए कहा कि वे चाहते हैं कि ममता बनर्जी विधानसभा आएं। उन्होंने साफ कहा कि हमने अपने उम्मीदवार के चयन पर सामूहिक रूप से फैसला किया है, लेकिन अभी उसका एलान नहीं किया है।
उन्होंने आगे इस बात पर जोर दिया कि अगर ममता जी नंदीग्राम से चुनाव लड़ती हैं, तो हम उनके खिलाफ अपना उम्मीदवार नहीं उतारेंगे। वे जीतें और विधानसभा आएं, ताकि हम सब मिलकर विकास के लिए काम कर सकें।
बागी नेताओं का तंज और चुनौती
इतना ही नहीं पत्रकारों से बातचीत के दौरान ऋतब्रत बनर्जी ने यह भी कहा कि ममता बनर्जी आम चुनावों में अक्सर नहीं जीत पाती हैं, लेकिन उपचुनावों में वे बाजी पलट देती हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यह अच्छा नहीं लगता कि ममता बनर्जी अपनी ही विधानसभा और बूथ पर चुनाव हार गईं।
इस बात को ऐसे समझा जा सकता है कि 2021 के विधानसभा चुनाव में सीएम शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम सीट पर ममता बनर्जी को हरा दिया था, हालांकि TMC ने बहुमत हासिल कर सरकार बनाई थी और बाद में ममता बनर्जी भवानीपुर सीट पर उपचुनाव जीतकर मुख्यमंत्री बनी थीं।
नंदीग्राम का कैसा रहा है इतिहास?
गौरतलब है कि ममता बनर्जी और नंदीग्राम का पुराना और गहरा नाता रहा है। साल 2011 में वामदलों की सरकार को सत्ता से बेदखल करने से पहले, ममता बनर्जी ने यहीं से कृषि भूमि अधिग्रहण के खिलाफ एक बड़ा ऐतिहासिक आंदोलन शुरू किया था। हालांकि, 2021 के विधानसभा चुनाव में शुभेंदु अधिकारी ने उन्हें यहां हरा दिया था।
नंदीग्राम के साथ रेजिनगर में भी उपचुनाव
नंदीग्राम के अलावा रेजिनगर विधानसभा सीट पर भी उपचुनाव होना है। रेजिनगर सीट पूर्व टीएमसी नेता हुमायूं कबीर के इस्तीफे के बाद खाली हुई है, जिन्होंने चुनाव से पहले अपनी पार्टी 'आम जनता उन्नयन पार्टी' (AJUP) बना ली थी। हुमायूं कबीर ने नौदा और रेजिनगर दोनों सीटें जीती थीं और बाद में उन्होंने नौदा सीट अपने पास रखते हुए रेजिनगर छोड़ दी थी।
