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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 06, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    'कांग्रेस के लिए खुला है दिल, बात नहीं बनी तो अकेले लड़ेंगे चुनाव', सीट शेयरिंग को लेकर TMC का जवाब

    Updated: Sun, 07 Jan 2024 12:00 AM (IST)

    विपक्षी दलों के गठबंधन आईएनडीआईए की दिल्ली में हुई बैठक में बंगाल की मुख्यमंत्री व तृणमूल Lok Sabha Polls कांग्रेस सुप्रीमो ने सीटों के समझौते के लिए ...और पढ़ें

    बंगाल में कांग्रेस और टीएमसी के बीच जारी है जुबानी जंग। (फाइल फोटो)
    बंगाल में कांग्रेस और टीएमसी के बीच जारी है जुबानी जंग। (फाइल फोटो)

    राज्य ब्यूरो, कोलकाता। विपक्षी दलों के गठबंधन आईएनडीआईए की दिल्ली में हुई बैठक में बंगाल की मुख्यमंत्री व तृणमूल कांग्रेस सुप्रीमो ने सीटों के समझौते के लिए 31 दिसंबर की समय सीमा निर्धारित कर दी थी, परंतु अब तक कुछ तय नहीं हुआ है। इस बीच बंगाल कांग्रेस अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी और तृणमूल नेताओं के बीच जुबानी जंग तेज है।

    टीएमसी ने कांग्रेस को दिया ऑफर

    तृणमूल ने अपने ताजा बयान में कहा है कि बंगाल में सीट बंटवारे को लेकर कांग्रेस के लिए उसका दिल खुला है लेकिन अगर बातचीत विफल रहती है तो वह अकेले चुनाव लड़ने के लिए भी तैयार है। लोकसभा में तृणमूल संसदीय दल के नेता सुदीप बंद्योपाध्याय ने कहा कि सीट बंटवारे के बारे में कांग्रेस के स्थानीय नेता क्या सोच रहे हैं, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता, क्योंकि अंतिम निर्णय दोनों दलों के शीर्ष नेताओं द्वारा लिया जाएगा।

    उन्होंने कहा कि हमारी नेता ममता बनर्जी पहले ही कह चुकी हैं कि कांग्रेस के लिए हमारा दिल खुला है। अब वह क्या करेंगे यह उन पर निर्भर है। बंगाल में गठबंधन होगा या नहीं, इसका फैसला सोनिया गांधी और ममता बनर्जी लेंगी। स्थानीय कांग्रेस नेता क्या सोचते हैं, इससे कोई फर्क नहीं पड़ता। यहां प्रश्न यह भी है कि तृणमूल नेता ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे का नाम क्यों नहीं लिया है।

    अधीर रंजन ने सीट बंटवारे को लेकर की थी टिप्पणी 

    तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता की यह टिप्पणी प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी के उस बयान के दो दिन बाद आई है, जिसमें उन्होंने कहा था कि उनकी पार्टी बंगाल की सत्तारूढ़ पार्टी से सीट की भीख नहीं मांगेगी। कहा जा रहा है कि तृणमूल राज्य की 42 लोकसभा सीट में से दो ही सीट कांग्रेस के लिए छोड़ने को तैयार है। 2019 के चुनाव में तृणमूल ने 22, भाजपा ने 18 और कांग्रेस ने दो सीटें जीती थीं।

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