कोलकाता में 10000 लोगों ने एक साथ गाया वंदे मातरम्, CM शुभेंदु रहे मौजूद
कोलकाता के जादवपुर में रक्षाबंधन पर 10 हजार लोगों ने सामूहिक रूप से 'वंदे मातरम्' का गायन किया, जिसमें मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी भी शामिल हुए।
-1787934325196_m.webp)
कोलकाता के जादवपुर में 10,000 लोगों ने गाया वंदे मातरम्

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
राज्य ब्यूरो,, कोलकाता। कोलकाता के जादवपुर इलाके में शुक्रवार को रक्षाबंधन पर 10 हजार कंठों से राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ का गायन हुआ। आठ बी बस स्टैंड के सामने आयोजित इस कार्यक्रम में हजारों की संख्या में लोग हाथों में राष्ट्रीय ध्वज लेकर शामिल हुए। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी भी उपस्थित थे। भाजपा व अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कायर्कर्ता भी इसमें शामिल हुए।
जादवपुर में 10 000 लोगों ने गाया वंदे मातरम्
‘वंदे मातरम्’ के छह अंतरों का सामूहिक गायन हुआ। आयोजन स्थल को तिरंगों से सजाया गया था। सुरक्षा के बेहद कड़े इंतजाम किए गए थे। एहतियातन जादवपुर विश्वविद्यालय के तीन गेट बंद रखे गए थे। बड़े एलईडी स्क्रीन लगाए गए थे। कार्यक्रम में शामिल लोगों को ‘वंदे मातरम्’ के बोल लिखी पर्चियां दी गई थीं।
मालूम हो कि जादवपुर विश्वविद्यालय में गत 19 व 20 अगस्त को हुई छात्र संघर्ष की घटना के बाद मुख्यमंत्री ने वहां राष्ट्रवाद स्थापित करने की बात कहते हुए इस कार्यक्रम की घोषणा की थी। इसका आयोजन जादवपुर संगठनात्मक जिला भाजपा की ओर से किया गया था।
मुक्त फलस्तीन नहीं, लिखें मुक्त पीओके : शुभेंदु
शुभेंदु ने वाम व अति वामपंथी विचारधारा वाले छात्रों पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि उन्हें विश्वविद्यालय परिसर में ‘मुक्त फलस्तीन’ के बजाय ‘मुक्त पीओके’ लिखना चाहिए। कश्मीर के लिए ‘आजादी’ के नारे लगाने और विश्वविद्यालय की दीवारों पर ‘मुक्त फलस्तीन’ लिखने का औचित्य क्या है।
फलस्तीन से पहले पाक अधिकृत कश्मीर की बात की जानी चाहिए। भारत पाक अधिकृत कश्मीर वापस लेकर रहेगा। देश की संप्रभुता व राष्ट्रवाद से किसी तरह का समझौता नहीं किया जा सकता।
