बंगाल सरकार ने जारी की 7वें वेतन आयोग की अधिसूचना, दायरे में आएंगे सहायता प्राप्त स्कूलों और विश्वविद्यालयों के शिक्षक
पश्चिम बंगाल सरकार ने सातवें वेतन आयोग की अधिसूचना जारी की है, जिसमें सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों और विश्वविद्यालयों के शिक्षक एवं शिक्षाकर्मी भी शामिल होंगे।

पश्चिम बंगाल में सातवें वेतन आयोग का दायरा बढ़ा

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राज्य ब्यूरो, कोलकाता। बंगाल में सातवें वेतन आयोग को लेकर सरकारी सहायता प्राप्त शिक्षण संस्थानों के शिक्षकों और शिक्षाकर्मियों की लंबे समय से बनी असमंजस की स्थिति दूर हो गई है। राज्य सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों और विश्वविद्यालयों के शिक्षक एवं शिक्षाकर्मी भी सातवें वेतन आयोग के दायरे में आएंगे।
राज्य सचिवालय नवान्न की ओर से जारी अधिसूचना के अनुसार, राज्य के सभी विश्वविद्यालयों के शिक्षाकर्मियों के अलावा माध्यमिक, उच्च माध्यमिक और मदरसों के शिक्षक एवं शिक्षाकर्मी भी इसके लाभार्थियों में शामिल होंगे।
मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने सत्ता परिवर्तन के बाद राज्य में सातवां वेतन आयोग लागू करने की घोषणा की थी। इसके बाद सरकार ने इस दिशा में प्रक्रिया शुरू कर दी।
हालांकि, सरकारी सहायता प्राप्त संस्थानों (ग्रांट-इन-एड) के कर्मचारियों को इसके दायरे में शामिल किया जाएगा या नहीं, इसे लेकर संशय बना हुआ था। नई अधिसूचना से इस पर स्थिति स्पष्ट हो गई है।
अगस्त में हुई थी आयोग की पहली बैठक
राज्य सरकार द्वारा गठित सातवें वेतन आयोग के प्रतिनिधियों की पहली बैठक अगस्त में नवान्न में हुई थी। बैठक में आयोग के कार्यक्षेत्र के अनुरूप कर्मचारियों की विभिन्न सेवाओं, वैधानिक निकायों, निगमों और अन्य संस्थानों की प्रकृति तथा उनकी मौजूदा स्थिति की समीक्षा की गई थी। साथ ही पूरी प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए कार्ययोजना भी तैयार की गई।
आयोग ने अपनी गतिविधियों को आगे बढ़ाने के लिए सूचना के प्रसार, सुझाव आमंत्रित करने, आंकड़े जुटाने और ज्ञापन प्राप्त करने के उद्देश्य से वेबसाइट भी शुरू की है। इसके माध्यम से संबंधित पक्षों से आवश्यक जानकारी और सुझाव जुटाए जा रहे हैं। सब कुछ निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आगे बढ़ने पर जनवरी से सातवें वेतन आयोग को लागू किए जाने की संभावना जताई जा रही है।
राज्य के 25 विश्वविद्यालयों के शिक्षाकर्मी भी दायरे में
अधिसूचना में शामिल विश्वविद्यालयों में कलकत्ता विश्वविद्यालय, जादवपुर विश्वविद्यालय, प्रेसीडेंसी विश्वविद्यालय, बर्द्धमान विश्वविद्यालय, कल्याणी विश्वविद्यालय, उत्तर बंगाल विश्वविद्यालय, रवींद्र भारती विश्वविद्यालय, विद्यासागर विश्वविद्यालय, गौड़बंग विश्वविद्यालय, नेताजी सुभाष मुक्त विश्वविद्यालय, मौलाना अबुल कलाम आजाद प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, पश्चिम बंगाल राज्य विश्वविद्यालय, सिद्धो-कान्हू-बिरसा विश्वविद्यालय, काजी नजरुल विश्वविद्यालय, कूचबिहार पंचानन बर्मा विश्वविद्यालय, डायमंड हार्बर महिला विश्वविद्यालय, बांकुड़ा विश्वविद्यालय, रानीगंज विश्वविद्यालय, बाबा साहेब आंबेडकर शिक्षा विश्वविद्यालय, संस्कृत कालेज एवं विश्वविद्यालय, पश्चिम बंगाल स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय, विधान चंद्र कृषि विश्वविद्यालय, उत्तर बंगाल कृषि विश्वविद्यालय, पश्चिम बंगाल पशु एवं मत्स्य विज्ञान विश्वविद्यालय और आलिया विश्वविद्यालय शामिल हैं। जिनके शिक्षक एवं शिक्षाकर्मी वेतन आयोग के दायरे में आएंगे।