यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 20, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
बंगाल में पहले चरण के चुनाव में हिंसा के बाद चुनाव आयोग सख्त, दूसरे फेज के लिए केंद्रीय बल की 303 कंपनियां होंगी तैनात
Lok sabha Elections 2024 बंगाल में लोकसभा चुनाव के पहले चरण में कूचबिहार सहित कई सीटों पर हिंसा देखने को मिली। अब हिंसा की घटनाओं से सबक लेते हुए निर् ...और पढ़ें

HighLights
- पहले चरण में हुई छिटपुट हिंसा को देखते हुए आयोग ने तैनाती बढ़ाने का किया फैसला।
- सीएपीएफ की 273 कंपनियां राज्य में पहले से हैं तैनात।
राज्य ब्यूरो, कोलकाता। लोकसभा चुनाव के पहले चरण में कूचबिहार सहित उत्तर बंगाल की तीन सीटों पर मतदान के दौरान हुई छिटपुट हिंसा से सबक लेते हुए अब निर्वाचन आयोग ने दूसरे चरण के चुनाव के लिए राज्य में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सीएपीएफ) की तैनाती बढ़ाने का फैसला किया है।
दूसरे चरण में बढ़ेगी सुरक्षा
दूसरे चरण का चुनाव आगामी 26 अप्रैल को होगा। राज्य के मुख्य चुनाव अधिकारी (सीइओ) आरिज आफताब ने कहा कि दूसरे चरण के अंतर्गत रायगंज, दार्जिलिंग और बालुरघाट जिलों में चुनाव होगा। इसके लिए निर्वाचन आयोग ने इन जिलों में सीएपीएफ की 303 कंपनियों को तैनात करने का फैसला किया है, ताकि चुनाव शांतिपूर्ण तरीके से हो और राज्य में किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति पैदा ना हो।
सीएपीएफ की 273 कंपनियां पहले से तैनात
चुनाव को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के मकसद से राज्य में सीएपीएफ की 273 कंपनियां पहले से ही है और 30 अन्य कंपनियां रविवार तक राज्य में पहुंच जाएगी। इस तरह राज्य में 303 कंपनियों को तैनात कर दिया जाएगा। 30 अतिरिक्त कंपनियां सिक्किम और मेघालय से आएंगी।
ममता बनर्जी की जताई थी नाराजगी
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की नाराजगी के बीच राज्य में केंद्रीय बलों की अतिरिक्त कंपनियों की तैनाती की जा रही है। इससे पहले शुक्रवार को ममता ने सीएपीएफ के संदर्भ में लिखे गए पत्र को लेकर निर्वाचन आयोग पर निशाना साधा था। एक चुनावी रैली में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सवाल किया था कि आखिर आप राज्य पुलिस को दरकिनार कर कैसे चुनाव संपन्न करा सकते हैं?