भ्रष्टाचार पर जीरो टालरेंस: रिश्वत मांगने के आरोप में बंगाल में दो मोटर व्हीकल इंस्पेक्टर निलंबित
पश्चिम बंगाल सरकार ने भ्रष्टाचार के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए रामपुर चेकपोस्ट पर तैनात दो मोटर व्हीकल इंस्पेक्टरों को रिश्वत मांगने के आरोप में निलंबि ...और पढ़ें

पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी।
HighLights
दो मोटर व्हीकल इंस्पेक्टर रिश्वत मांगने पर निलंबित किए गए।
रामपुर चेकपोस्ट पर मालवाहक ट्रक चालक से मांगी गई रिश्वत।
भ्रष्टाचार के खिलाफ बंगाल सरकार ने कड़ा रुख अपनाया।
राज्य ब्यूरो, कोलकाता। भ्रष्टाचार और जबरन वसूली के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए बंगाल सरकार ने पश्चिम बर्धमान के रामपुर चेकपोस्ट पर तैनात दो मोटर व्हीकल इंस्पेक्टर (एमवीआइ) को निलंबित कर दिया है।
सरकार के अनुसार, नाजिमुल हक और अनुपम बनर्जी पर एक मालवाहक ट्रक को गलत तरीके से रोककर चालक को परेशान करने और रिश्वत मांगने का आरोप है।
क्या हैं आरोप?
सरकार के मुताबिक, झारखंड नंबर के ट्रक (जेएच09BA3535) के चालक शिव यादव को कथित तौर पर वाहन रोककर 22 हजार रुपये देने के लिए दबाव बनाया गया।
आरोप है कि यह राशि ऐसे कर के नाम पर मांगी गई थी, जिसे राज्य सरकार पहले ही समाप्त कर चुकी है। चालक द्वारा भुगतान से इनकार करने पर वाहन जब्त करने की बात भी सामने आई।
शिकायत मिलने के बाद अधिकारी निलंबित
शिकायत मिलने के बाद परिवहन विभाग ने दोनों अधिकारियों को बंगाल सर्विसेज (क्लासिफिकेशन, कंट्रोल एंड अपील) रूल्स, 1971 की नियम 7(1)(ए) के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। मामले की आपराधिक जांच और आवश्यक कानूनी कार्रवाई के लिए शिकायत एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) को भेजी गई है।
भ्रष्टाचार के खिलाफ बंगाल सरकारस की सख्त
सरकार ने स्पष्ट किया है कि प्रशासन के किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार, जबरन वसूली या अवैध वसूली को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। गलत तरीके से रोके गए वाहनों को मुक्त कराने और परिवहन कारोबारियों के उत्पीड़न पर सख्त कार्रवाई के निर्देश भी दिए गए हैं। सरकार ने कहा कि भ्रष्टाचार में लिप्त पाए जाने वाले अधिकारियों के खिलाफ कड़ी विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाएगी।