बंगाल: 650 साल पुरानी अदीना मस्जिद को लेकर बवाल, बीजेपी नेता ने की पूजा; शिवलिंग स्थापित करने की घोषणा
पश्चिम बंगाल के मालदा में 650 साल पुरानी अदीना मस्जिद को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है, जहां हिंदू संगठन इसे प्राचीन शिव मंदिर पर बनी होने का दावा कर ...और पढ़ें
-1784965059936_m.webp)
बंगाल की अदीना मस्जिद पर नया विवाद (फोटो- asiraiganj)
HighLights
मालदा की अदीना मस्जिद पर प्राचीन मंदिर का दावा।
हिंदू संगठन मस्जिद के बाहर शिवलिंग स्थापित करेंगे।
ASI और पुलिस ने धार्मिक गतिविधि पर चेतावनी दी।
डिजिटल डेस्क, मालदा। पश्चिम बंगाल के मालदा जिले के पांडुआ में स्थित 650 साल पुरानी ऐतिहासिक 'अदीना मस्जिद' को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है। यहां दक्षिणपंथी हिंदू संगठनों और बीजेपी नेताओं का दावा है कि यह मस्जिद भगवान शिव को समर्पित प्राचीन 'आदिनाथ मंदिर' को ध्वस्त करके बनाई गई थी।
इन दावों के बीच 'अदिनाथ पुरातन शिव मंदिर' संगठन ने भाजपा नेता काजल गोस्वामी के नेतृत्व में मस्जिद के बाहर पूजा-अर्चना शुरू की गईऔर सोमवार को वहां 1.5 टन का शिवलिंग स्थापित करने की योजना बनाई।
मध्यकालीन भारत की सबसे बड़ी मस्जिद
दरअसल, 1373 ईस्वी में सुल्तान सिकंदर शाह द्वारा बनवाई गई अदीना मस्जिद को भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) मध्यकालीन भारत की सबसे बड़ी मस्जिद मानता है। इस जगह से जुड़े ऐतिहासिक दावों पर विवाद बना हुआ है।
शिवलिंग स्थापित करने की योजना
भाजपा द्वारा संसद में मांग उठाए जाने के महीनों बाद बीजेपी नेता मंदिर होने के दावे को मजबूत करने के लिए शिवलिंग स्थापित करने की योजना बना रहे हैं। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) और मालदा पुलिस ने सुरक्षा बढ़ा दी है।
ASI और स्थानीय प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी जारी करते हुए कहा कि राष्ट्रीय महत्व के इस केंद्रीय संरक्षित स्मारक के भीतर किसी भी प्रकार की धार्मिक गतिविधि या अनधिकृत प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी।
क्या है हिंदू संगठन का दावा?
मालदा के पांडुआ में स्थित आदिना मस्जिद का निर्माण सिकंदर शाह ने सन् 1373 में करवाया था। इसको लेकर हिंदू संगठन और बीजेपी का दावा है कि यह मस्जिद भगवान शिव को समर्पित आदिनाथ मंदिर के स्थान पर बनाई गई थी।
खबरें और भी
आदिनाथ पुरातन शिव मंदिर की मुख्य संरक्षक और उत्तर बंगाल के लिए भाजपा की सुशासन शाखा की संयोजक काजल गोस्वामी ने कहा कि “तथाकथित मस्जिद में हिंदू और बौद्ध प्रतिमाएं हैं। आदिनाथ मंदिर को ध्वस्त करके उस पर मस्जिद बनाई गई थी।”
गोस्वामी ने कहा, "हमारा उद्देश्य मंदिर का जीर्णोद्धार करना और उसमें शिवलिंग स्थापित करना है। 289 किलोमीटर दूर स्थित तारकेश्वर से 3.6 फीट ऊंचा और 1.5 टन वजनी शिवलिंग मस्जिद के पास स्थापित करने के लिए लाया जा रहा है।"
संगठन का दावा है कि मस्जिद में शिव लिंगम के अलावा कई हिंदू और बौद्ध प्रतीक मौजूद हैं, और उनका कहना है कि वे इस मुद्दे पर एएसआई की रिपोर्ट मांगने के लिए जल्द ही कलकत्ता उच्च न्यायालय का रुख करेंगे।
पुलिस ने जारी की एडवाइजरी
मालदा पुलिस ने एडवाइजरी जारी करते हुए लिखा, "कुछ लोग आदिना स्मारक जाकर पूजा-अर्चना और अन्य धार्मिक अनुष्ठान करने का बात कह रहे हैं। आम जनता को सूचित किया जाता है कि आदिना स्मारक भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के अंतर्गत राष्ट्रीय महत्व का केंद्रीय संरक्षित स्मारक है और प्राचीन स्मारक एवं पुरातत्व स्थल एवं अवशेष अधिनियम, 1958 (AMASR अधिनियम) के प्रावधानों के अधीन है।
संरक्षित स्मारक परिसर के भीतर किसी भी प्रकार के धार्मिक अनुष्ठान या अन्य अनधिकृत गतिविधियों की अनुमति नहीं है। अगर कोई इसका उल्लंघन करता है तो उस पर कार्रवाई की जाएगी।”