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    बंगाल के मालदा में मस्जिद के करीब शिवलिंग की स्थापना, पूजा के लिए उमड़ी भक्तों की भीड़

    Updated: Mon, 27 Jul 2026 11:27 PM (IST)

    मालदा में आदिना मस्जिद के पास नवनिर्मित मंदिर में शिवलिंग स्थापित किया गया, जहां बड़ी संख्या में भक्तों की भीड़ उमड़ी। भक्त मस्जिद की जगह आदिनाथ मंदिर ...और पढ़ें

    बंगाल के मालदा में मस्जिद के करीब शिवलिंग की स्थापना(फोटो: सोशल मीडिया)

    बंगाल के मालदा में मस्जिद के करीब शिवलिंग की स्थापना(फोटो: सोशल मीडिया)

    HighLights

    1. मालदा में आदिना मस्जिद के पास शिवलिंग स्थापित किया गया।

    2. भक्त आदिना मस्जिद की जगह आदिनाथ मंदिर बनाने की मांग कर रहे।

    3. सुरक्षा के लिए पुलिस बल तैनात, हाई कोर्ट के निर्देशों का पालन।

    जागरण संवाददाता, मालदा। बांग्ला कैलेंडर के अनुसार श्रावण मास के दूसरे सोमवार को बंगाल में मालदा के आदिना मस्जिद परिसर से सटे नवनिर्मित मंदिर में शिवलिंग की स्थापना कर दी गई। यहां पूजा करने के लिए बड़ी संख्या में भक्तों की भीड़ जमा हो गई। यहां आने वाले भक्त मस्जिद की जगह आदिनाथ मंदिर बनाने की मांग कर रहे हैं।

    यहां पुलिस की भी कड़ी सुरक्षा व्यवस्था भी की गई है। उल्लेखनीय है कि वर्ष 1373 में तत्कालीन शासक सिकंदर शाह ने इस मस्जिद का निर्माण कराया था। दावा है कि यहां शिव तथा हिंदू देव-देवियों के चिह्न दिखते हैं। हिंदू सनातनी इसे आदिनाथ का प्राचीन शिव मंदिर मानते हैं।

    उनका दावा है कि आदिनाथ शिव मंदिर को तोड़कर आदिना मस्जिद का निर्माण करवाया गया था। बंगाल में भाजपा की सरकार बनने के बाद मस्जिद के स्थान पर आदिनाथ मंदिर बनाने की मांग ने जोर पकड़ लिया। कुछ दिनों पहले ही मस्जिद की दीवार के निकट एक मंदिर का निर्माण कराया गया। जिला पुलिस अधीक्षक अनुपम सिंह ने बताया कि श्रावण मास में हर साल यहां पूजा होती है।

    इस वर्ष भी उसी अनुसार पूजा हो रही है। किसी तरह की उत्तेजना न फैले, इसलिए सुरक्षा के लिए पुलिस तैनात की गई है। कार्यक्रम के आयोजकों का कहना है कि हाईकोर्ट के निर्देशों का पालन करते हुए आदिना क्षेत्र में आदिनाथ मंदिर की स्थापना की जाएगी। आगामी एक वर्ष के भीतर यहां मंदिर स्थापित करेंगे।

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    हिंदू सुरक्षा समिति के राज्य अध्यक्ष अभिजीत दास ने दावा किया कि यह आदिनाथ मंदिर है। हर साल ही श्रावण मास में यहां भीड़ होती है। 20 जुलाई को तारकेश्वर से आदिनाथ शिवलिंग यहां लाया गया। हम देशवासियों को समझाएंगे कि कौन मंदिर है और कौन मस्जिद। शासन और प्रशासन का सम्मान करते हुए हम शांतिपूर्ण तरीके से यहां आए हैं। आदिना मंदिर था और मंदिर ही रहेगा।