SIR को लेकर बंगाल के मालदा में फिर भड़की हिंसा, पुलिस की गाड़ी में तोड़फोड़, ड्राइवर का सिर फूटा, 18 उपद्रवी गिरफ्तार
मालदा में विशेष गहन मतदाता पुनरीक्षण (SIR) के दौरान नाम काटे जाने के आरोपों पर फिर हिंसा भड़क उठी है।
-1775118875931_m.webp)
एसआईआर के दौरान वैध मतदाताओं के नाम काटने के आरोप में मालदा में हिंसा(फोटो: पीटीआई)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
जागरण संवाददाता, मालदा। विशेष गहन मतदाता पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान वैध मतदाताओं के नाम काटने के आरोप में बंगाल के मालदा जिले में हिंसा की आग फिर भड़क गई है।
बुधवार को सुजापुर में 12 नंबर नेशनल हाईवे को बंद करने के बाद गुरुवार सुबह से ओल्ड मालदा के नारायणपुर में फिर से सड़क जाम कर दिया गया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए भारी पुलिस बल और केंद्रीय बल तैनात किए गए हैं। हिंसा के बाद 18 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
प्रदर्शनकारियों ने किया सड़क जाम
सुजापुर और मोथाबाड़ी की घटनाओं का असर अभी थमा भी नहीं था कि गुरुवार सुबह ओल्ड मालदा के नारायणपुर में फिर से बावल शुरू हो गया। यहां भी काफी संख्या में प्रदर्शनकारी सड़क जाम कर बैठे हुए हैं।
इसके अलावा इसी जिले में गुरुवार को इंग्लिशबाजार के यादुपुर इलाके में भी वोटर लिस्ट से नाम कटने के विरोध में बवाल मचा ।सुबह 10 बजे से राष्ट्रीय झंडा हाथ में लेकर सैकड़ों लोग सड़क जाम पर उतर आए।
पुलिस वाहन पर हमला
पुलिस के मौके पर पहुंचते ही माहौल तनावपूर्ण हो गया। यादुपुर बाईपास पर उग्र भीड़ ने पुलिस वाहन पर हमला बोल दिया और भारी तोड़फोड़ की। ईंटों की मार से पुलिस वाहन के ड्राइवर के सिर पर चोट आई और वह घायल हो गया।
इससे पहले बुधवार सुबह से आधी रात तक सुजापुर में नेशनल हाईवे-12 को जाम कर रखा गया।
इस बवाल की लपटें पड़ोस के मोथाबाड़ी विधानसभा क्षेत्र तक पहुंच गईं, जहां एसआइआर कार्य में लगे सात जजों को करीब 9 घंटे तक रोके रखा गया। इनमें तीन महिला न्यायाधीश भी शामिल थीं। इस अभूतपूर्व घटना पर राष्ट्रीय चुनाव आयोग ने राज्य पुलिस के डीजी से सख्त रिपोर्ट मांगी है।
वैध वोटर के नाम काटने का आरोप
एक प्रदर्शनकारी मोइनुल शेख ने दावा किया कि खासतौर पर अल्पसंख्यक बहुल गांवों के लोगों के नाम चुन-चुनकर हटाए जा रहे हैं। उसने कहा पहले कहा गया था कि 2002 की वोटर लिस्ट में माता-पिता का नाम होने पर बच्चों का नाम रहेगा, लेकिन अब ‘लाजिकल डिस्क्रेपेंसी’ का हवाला देकर वैध मतदाताओं के नाम भी काट दिए जा रहे हैं।
स्थिति अभी भी तनावपूर्ण बनी हुई है। जिला प्रशासन और पुलिस किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए अलर्ट मोड पर है।
यह भी पढ़ें- बंगाल: मतदाता सूची में नाम न आने पर मालदा में बवाल, भीड़ ने न्यायिक पदाधिकारियों को बनाया बंधक
देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।